इलाहाबाद। अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे मऊ सदर के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बड़ा झटका लगा है। मऊ के बहुचर्चित ठेकेदार मन्ना सिंह समेत दोहरे हत्याकांड में हाईकोर्ट में गुरुवार को वादी की याचिका मंजूर हो गयी है। सेशन कोर्ट ने इस मामले में तीन लोगों को दोषी मानते हुए मुख्तार समेत आठ को बरी किया था। मन्ना के भाई वादी हरेन्द्र सिंह के अलावा प्रदेश सरकार ने भी सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में एमपी-एमएलए के लिए गठित कोर्ट में अपील की थी। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति डीकेसिंह की बेंच ने मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 19 अप्रैल की तिथि नियत की है।

जमानत याचिका तक खारिज हुई

गौरतलब है कि मऊ शहर में 2009 ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना और राजेश राय की दिनदहाड़े गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गयी थी। मन्ना के भाई हरेन्द्र सिंह ने इस मामले में मुख्तार समेत कइयों के खिलाफ रपट दर्ज करायी थी। आरोप था कि ठेके से न हटने पर मुख्तार ने मन्ना को सबक सिखाने के लिए मरवा दिया था। सूबे में उस समय बसपा की सरकार थी लेकिन सीएम मायावती ने पार्टी के विधायक मुख्तार के खिलाफ सख्त एक्शन लिया था। सेशन कोर्ट में कई सालों तक सुनवाई के बाद तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी जबकि मुख्तार समेत 8 को बरी कर दिया गया। वादी हरेन्द्र सिंह की तरफ से हाईकोर्ट में याचिक दायर करने वाले अधिवक्ता सुदिष्ठ सिंह के मुताबिक दोषी ठहराये गये अरविन्द यादव,अमरेन्द्र कन्नौजिया और जामवंत उर्फ राजू कन्नौजिया की जमानत भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।

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