सोनभद्र। ‘जल पुरुष’ के नाम से विख्यात केंद्रीय जल बोर्ड नदी नीति के सदस्य रहे मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेन्द्र सिंह राणा ने हरा ग्राम पंचायत (कोन) के ब्रहमोरी सोन नदी का गुरुवार की सुबह दौरा किया। नदी पर बने अस्थायी सड़क तथा सोन की मुख्यधारा बाधित कर बालू खनन कराये जाने को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जम कर आलोचना की। कहा कि गंगा की सहायक महानद सोन हम सब की मां है और सरकार माँ की सौदा कर धन कमा रही है। किसी कानून में नही लिखा है कि नदी के बीच धरा को बाधित किया जाए और खनन किया जाए। यहां तो सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश को भी ताख पर रख कर खनन कराया जा रहा है। लीज भले ही दी गयी हो पर वह भी गलत है। नियम के विरुद्ध है जिसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिये।

नदी की हो रही है हत्या

उन्होंने जोर देकर कहा कि मैंने नदी नीति आयोग का ड्राफ्ट तैयार किया है। मुझे मालूम है कि नदी में खनन हो ही नही सकता और यहां नदी की हत्या हो रही है। इसे रोकने के लिए सत्याग्रह शुरू किया जाना चाहिए। यह सब सोन नदी के किनारे के गांव वालों को करना होगा नही तो किसानों की जीवन भी मुश्किल में आ जायेगा। सद्भावना यात्रा से जुड़े और गांधी विचारक राम धीरज ने कहा की नदी के बीच एक दिन में सड़क तो बन नही गयी होगी। इसमें जिला प्रशासन,मंत्री,विधायकों की मिली भगत साफ दिख रही है। हरा में डम्प सैकड़ो ट्रक बालू लीज साइड से नही निकाल कर हरा गांव की धारा से निकाला गया है। लीज नगवा ब्लॉक में मिला है और खनन चोपन ब्लॉक में हो रहा है। कहा कि वह केंद्र सरकार को पत्र लिखेंगे। मौके पर पर्यावरण और एनजीटी में याचिकर्ता जगतनारायण, सिंगरौली प्रदुषण मुक्ति वाहिनी के संयोजक रामेश्वर प्रसाद आदि मौजूद रहे।

admin

No Comments

Leave a Comment