वाराणसी। अंग्रेजों के भीमा-कोरेगांव पर विजयदिवस पर हुए विवाद के बाद महाराष्ट में बलाव को लेकर हिन्दू जनजागृति समिति मुखर हो गयी है। समिति की मांग है कि दंगों की खातिर उकसानेवाले और रास्ते पर उतर पर युद्ध की भाषा करनेवाले गुजरात के नव निर्वचित विधायक जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद अब तक खुले आम कैसे घूम रहे हैं? भारत तेरे टुकडे होंगे की घोषणा और देशद्रोह का अभियोग जिस पर प्रविष्ट है वह उमर खालिद और मेवाणी को पुना में आकर ऐसे भाषण देने की व्यवस्था करनेवालों के अदृश्य हाथ कौन से हैं, यह देखना चाहिए। समिति की मांग है कि जातीय बंधुभाव बिगाडने के पीछे पूर्वनियोजित षड्यंत्र के पीछे कौन है इसकी जांच करें।

शिवाजी की जैकेट पहनने के चलते की हत्या

दंगों में राहुल पठांगडे नामक युवक की नृशंस हत्या कर दी गई। संचार माध्यमों की जानकारी अनुसार उसका दंगों में कोई सहभाग नहीं था, केवल छत्रपति शिवाजी महाराज के फोटोवाला जैकेट पहनने के कारण इस युवक की हत्या की गई। इस प्रकरण में पुलिस ने जानकारी दबाकर क्यों रखी ? महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराजजी के चित्रवाली जैकेट पहनने से किसी की हत्या होना, ये अत्यंत दुर्भाग्य की बात है । महाराष्ट्र के समस्त शिवाजीप्रेमियों की भावनाओं को आहत करनेवाली यह घटना है । हिन्दू जनजागृति समिति इस हत्या का निषेध करती है। इस नृशंस हत्या करनेवालों को बंदी बनाकर, उन्हें फांसी दी जानी चाहिए। समिति के महाराष्ट्र राज्य संगठक सुनील घनवटजी ने कहा, इन हत्यारों को फांसी होने तक हम वैध मार्ग से अपनी मांग जारी रखेंगे। उनका आरोप है कि चार वर्ष पूर्व पुणे में ही मोहसीन शेख नामक युवक की हत्या हुई थी। वह किसने की, यह आज तक प्रमाणित नहीं हुआ है, तब भी हिन्दू राष्ट्रसेना के प्रमुख धनंजय देसाई गत चार वर्षों से जेल में हैं।

admin

No Comments

Leave a Comment