श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर होगा मां विंध्यवासिनी धाम कॉरिडोर का होगा विकास कार्य

वाराणसी। विंध्य विकास बोर्ड एवं विंध्य तीर्थ विकास परिषद का अगले पखवारे में गठन की तैयारी हो चुकी है। पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. नीलकंठ तिवारी का मानना है कि विंध्याचल क्षेत्र के विकास कार्य हेतु तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान में आम सहमति अवश्य हो। विंध्याचल क्षेत्र का विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य चरणबध होगा, इसके लिए फेजवार मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। राज्यमंत्री ने विंध्यवासिनी धाम क्षेत्र के विकास एवं सुंदरीकरण के लिए बनाए जा रहे मास्टर प्लान को आमजन सहमति के आधार पर युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर बनाए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने एएनवी एसोसिएट द्वारा बनाए जा रहे मास्टर प्लान के संबंध में एसोसिएट के आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव को धीमी प्रगति पर फटकार लगाते हुए डीएम मीरजापुर के साथ बैठक कर स्थलीय निरीक्षण एवं उपलब्ध भूखंडों की पैमाइश आदि करने के पश्चात स्पष्ट मास्टर प्लान फेजवार बनाये जाने का दिया।

मास्टर प्लान तैयार होने के संग होगी समय सीमा

मंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि मास्टर प्लान तैयार होने के पश्चात प्रत्येक कार्य का समय सीमा निर्धारित कर दिया जाएगा। ताकि जो भी कार्य हो वह समयबंधता एवं गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जा सके। उन्होंने विंध्याचल परिक्रमा पथ का प्रपोजल सोमवार तक शासन को उपलब्ध कराए जाने हेतु पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया। मंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि ब्रज तीर्थ विकास परिषद की तर्ज पर विंध्याचल धाम तीर्थ विकास परिषद का गठन शासन स्तर से आगामी 15 दिनों में कर दिया जाएगा। जिससे विंध्याचल धाम का विकास एवं सुंदरीकरण होगा। बुधवार को कमिश्नरी सभागार में विंध्याचल धाम क्षेत्र के विकास एवं सुंदरीकरण के लिए बनाए जा रहे मास्टर प्लान के प्रगति की समीक्षा में राज्यमंत्री ने विंध्याचल क्षेत्र में कराए जाने वाले विकास कार्य के लिए क्षेत्र के चिन्हित 92 दुकानदारों को ऐसे स्थान पर पुनर्वास कराए जाने हेतु स्थल चिन्हित किए जाने का निर्देश दिया, जिससे इन दुकानदारों को अपना व्यवसाय करने में हर स्तर पर सुविधा प्राप्त हो सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर

उन्होंने बताया कि विंध्याचल क्षेत्र में विकास कार्य के दौरान कॉरिडोर का निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण, दर्शनार्थियों एवं पर्यटकों के लिए रैन बसेरा का निर्माण, गंगा घाट का निर्माण, वाच टावर, मल्टीलेवल वाहन पार्किंग स्थल का निर्माण, आकर्षक साइनेज, सीवर की व्यवस्था, शौचालय एवं पेयजल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाएगा। मंत्री डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने जिलाधिकारी मिजार्पुर सहित पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर विंध्याचल धाम के विकास के लिए जो भी मास्टर प्लान बनाए जाए उसमें इस बात की विशेष ध्यान रखा जाए कि आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो और उनकी सहमति हो। उन्होंने बनाए जा रहे मास्टर प्लान के अनुसार उपलब्ध सरकारी भूखंड एवं आवश्यकतानुसार अधिग्रहण किए जाने वाले भूखंडों अलग-अलग तैयार किए जाने का भी निर्देश दिया। मिजार्पुर में पर्यटन विभाग का राही गेस्ट हाउस डीमालिश करा कर स्थान पर तीन-चार मंजिला गेस्ट हाउस बनाए जाने हेतु डीपीआर बनाए जाने का निर्देश दिया। मिजार्पुर में पर्यटन निगम का बड़ा होटल बनाये जाने हेतु भी स्थल चिन्हित कर डीपीआर बनाये जाने पर भी जोर दिया। मंत्री ने डीएम को विशेष रुप से निर्देशित करते हुए कहा कि श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की भांति मां विंध्यवासिनी धाम का विकास कार्य होना है। कमिश्नर वाराणसी दीपक अग्रवाल जिन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण कार्य में अहम भूमिका अदा की है उनके अनुभव का लाभ विंध्यवासिनी धाम कॉरीडोर के विकास कार्य में अवश्य प्राप्त किया जाए। उन्होंने विंध्यवासिनी धाम, अष्टभुजा एवं काली खोह (त्रिकोण) यात्रा को सुगम बनाए जाने हेतु सड़क मार्ग से जोड़े जाने हेतु भी यार तैयार किए जाने का निर्देश दिया।

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