वाराणसी। शराब कारोबारी हीरालाल जाायसवाल के यहां 43 घंटे तक चली आयकर विभाग की सर्च एंड सीजर की कार्रवाई के दौरान लगभग 100 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गयी है। महकमे की टीम ने कार्रवाई के दौरान करीब छह करोड़ रुपये के आभूषण और संपत्तियों की खरीद-बिक्री के अभिलेख भी अपने कब्जे में लिये हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार शराब कारोबारी के लालपुर स्थित आवास सहित तीन ठिकानों पर लगातार 43 घंटे तक गहन छानाीन में तमाम गंभीर प्रकरणों का खुलासा हुआ। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं। छापेमारी में अधिकांश दस्तावेज फर्जी कंपनियों के पाये गये। वाराणसी सहित देशभर में फैले फर्जी कंपनियों का संचालन खुद शराब कारोबारी हीरा जायसवाल करते थे।

कर्मचारियों के नाम बनायी फर्जी कंपंनिया

चर्चा के मुताािक बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में शराब कारोबारी की शराब की एक बड़ी फैक्ट्री है। इसके अतिरिक्त सरिया का कारखाना भी है। बिलासपुर के कारखानों का पैसा फर्जी कंपनियों में लगाया था। उन फर्जी कंपनियों के जरिये कालेधन को सफेद किया जा रहा था। फर्जी कंपनी बनाने के लिए उन फैक्ट्रियों के कर्मचारियों का उपयोग किया गया। शराब कारोबारी की ज्यादातर कपंनियां कोलकाता में हैं। दावा किया जा रहा है कि बिलासपुर की शराब फैक्ट्री और सरिया कारखाने का पैसा कोलकाता समेत पूर्वांचल में खपाया गया है। रिटर्न में रुपये के गोलमाल की सूचना के आधार पर आयकर विभाग ने कोलकाता सहित पूर्वांचल के संबधित ठिकानों पर छापेमारी की। बीते सोमवार की सुाह सात बजे आरंभ छापेमारी की कार्रवाई मंगलवार देर रात लगभग दो बजे खत्म हुई।

कई बैंक खाते और लाकर भी सील

लगभग 43 घंटे तक चले सर्च एंड सीजर की कार्रवाई में कारोबारी ने 100 करोड़ रुपये की करचोरी की बात स्वीकार की। छापेमारी में गहने के साथ ही कई बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक कर्मचारियों को फर्जी फर्मों का मालिक बनाकर उन्हीं के खाते से रुपये की हेराफेरी काफी दिनों से चल रही थी। इस गोलमाल की भनक कर्मचारियों को नहीं लगी कि वह शराब कारोबारी के फर्जी फर्मों के मालिक हैं। कर्मचारियों के नाम से बने फर्मों की आड़ में ही कारोबारी कालेधन को सफेद करने का भी कारोबार करता था। कालेधन को सफेद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सीए से आयकर विभाग के अफसरों ने पूछताछ शुरू कर दी है। आरंभिक जांच में कारोबारी ने सौ करोड़ रुपये की अघोषित आय स्वीकार की है।

बढ़ सकता है कर चोरी का आंकड़ा

फर्जी कंपनियों के कागजात, ौंक खातें, जमीनों की खरीद-फरोख्त के दस्तावेजों की संपूर्ण जांच के बाद टैक्स चोरी का आंकड़ा और बढ़ सकता है। फिलहाल वाराणसी में जांच की कार्रवाई पूरी हो चुकी है लेकिन कोलकाता और अन्य शहरों में कार्रवाई अभी जारी है। छापेमारी टीम में उप निदेशक जांच एसएस कुमार, अपर निदेशक जांच गृहराज पारिख, पीके श्रीवास्तव, वीके राय, श्रद्धानंद श्रीवास्तव, मोतीचंद वगैरह थे।

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