सोनभद्र। प्रदेश के पावर सेक्टर की सबसे बड़ी 2630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना के स्विच यार्ड में सोमवार की रात 11 बजे संदिग्ध हालात में आग लग गई। अगलगी के चलते जहां अनपरा परियोजना की 210 मेगावाट वाली 2 यूनिटें ट्रिप हो गई वही ओबरा अनपरा ट्रांसमिशन लाइन में दिक्कत आने के कारण ओबरा परियोजना का उत्पादन पूरी तरह शून्य हो गया। अचानक से 1000 मेगावाट से भी अधिक बिजली उत्पादन में कमी ने प्रदेश मुख्यालय शक्ति भवन तक हड़कंप मच गयी। फौरी व्यवस्था के तहत ग्रिड को संभालने के लिए स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर को सोनभद्र सहित पूर्वांचल के पूर्वांचल के कई जिलों में एक से डेढ़ घंटे तक आपात कटौती करानी पड़ी। मंगलवार तक अभियंताओं की टीम हालात को नियंत्रित करने में जुटी थी।

आला अफसरों से साधी चुप्पी

आग कैसे लगी और कितनी क्षति हुई? कब तक स्थिति सामान्य होगी? इन सुलगते सवालों पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था। सीजीएम ओबरा एके सिंह भी इस मामले में किसी तरह की टिप्पणी करने से साफ कन्नी काट गए। अलबत्ता इतना कहा कि स्थिति सामान्य हो रही है। गौरतलब है कि ओबरा-अनपरा की बिजली पूरे प्रदेश में सबसे सस्ती है। यहीं कारण है कि यहां की बिजली की मांग हमेशा बनी रहती है। सोनभद्र सहित पूर्वांचल के कई जनपदों में डेढ़ घंटे तक बत्ती गुल रहने से गर्मी के चलते बिलबिला कर लोग घरों के बाहर सड़क पर और छतों पर टहलते रहे। रात साढ़े 12 बजे बिजली आई तब लोगों ने राहत की सांस ली।

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