भदोही। प्रदेश विधानसभा में वह निषाध पार्टी के इकलौते विधायक हैं। विरोधी उन्हें बाहुबली की संज्ञा देते हैं। बावजूद इसके ज्ञानपुर के विधायक विजय मिश्र का जनाधार क्या है यह धनापुर स्थित आवास पर शनिवार को सहस्त्रचंडी महायज्ञ के भंडारे में देखने को मिला। सुबह से वहां लोगों का तांता लगना शुरू हुआ और देर शाम तक सिलसिला जारी रहा। भदोही ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के अधिकांश जनपदों के विधायक यहां पहुंचे थे। विजय मिश्र को बाहुबली कहने वालों को एहसास हो गया कि वह वास्तव में ‘जनबली’ हैं। अगले लोकसभा चुनाव में सिर्फ भदोही ही नहीं बल्कि आसपास की सीटों पर उनके प्रभाव को भांपते हुए भाजपा बैकफुट पर दिखी। बावजूद इसके नंगे पांव विजय मिश्र पूरी विनम्रता के साथ लोगों की आगवानी के साथ विदाई करने व्यस्त दिखे।

ब्राह्मण पूजन के बाद शुरू हुआ भंडारा

विजय मिश्र साल में दो बार गुप्त नवरात्र और दो बार और सहस्त्रचंडी महायत्र के साथ भंडारा कराते हैं लेकिन इस बार उनकी बाडी लैग्वेज कुछ अलग दिखी। महायज्ञ 18 से 26 तक चला था और इसकी पूर्णाहुति के साथ शनिवार को भंडारा होना था। इस बार विजय मिश्र अपनी एमएलसी पत्नी रामलली मिश्रा, पुत्र विष्णु मिश्र और पुत्रवधू रोमा मिश्रा के साथ ब्राह्मण पूजन करते देखे गये। हजारों की संख्या में मौजूद ब्राह्मणों को अंगवस्त्रम और दक्षिणा देने के साथ उन्हें भोजन कराने के बाद सभी के लिए भोजन आरम्भ कराया। किसी राजनैतिक दल की रैली की तरह सैकड़ों चारपहिया और हजारों दो पहिया वाहन वहां खड़े थे जिसके लिए बड़ी पार्किंग की व्यवस्था करायी गयी थी। सामने स्थित विशाल मैदान में भोजन का प्रबंध किया गया था जबकि भीतर वीआईपी के लिए प्रबंध थे।

उपस्थिति दर्ज कराने की दिखी होड़

कहने को यह एक धार्मिक आयोजन था लेकिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की होड़ राजनेताओं में दिखी। विजय मिश्र ने स्वीकार किया कि सैयदराजा के बाहुबली विधायक सुशील सिंह, राबर्ट्सगंज के विधायक भूपेश चौबे, मिर्जापुर शहर के विधायक रत्नाकर मिश्र व रमाशंकर पटेल, जौनपुर की विधायक लीना तिवारी यहां पहुंची और देर तक रही। इसके अलावा भदोही के सांसद विरेन्द्र सिंह मस्त, औराई के विधायक रवीन्द्र त्रिपाठी और भदोही के दीनानाथ भास्कर के लिए तो यह घरेलू कार्यक्रम सरीखा था। देर शाम मंत्री बृजेश पाठक के भी आने की सूचना थी।

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