बलिया। पूरा ग्राम पंचायत को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क महीनों,सालों नहीं बल्कि ढाई दशक से खराब है। दशा यह हो चुकी है कि सड़क के नाम पर सिर्फ गड्ढे बचे हैैं। हर चनाव के समय आने वाले नेता निर्माण कराने का आश्वासन देते हैं लेकिन इसके बाद अगले चुनाव में आगमन होता है। सांसद से लेकर स्थानीय विधायक रामगोविंद चौधरी तक गुहार लगाने के संग ग्रामीणों ने आरटीआई से सड़क के बाबत जानकारी मांगी तो यह नहीं पता चल सका कि किस विभाग ने इसका निर्माण किया है। आजिज आकर ग्रामीणों ने सड़क न बनने तक राजनैतिक दलों के नेताओ को गांव में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया है। गांव के बाहर एक बैनर भी लगा दिया है जिस पर लिखा है कि इस गांव में नेताओ का प्रवेश वर्जित है। गांव वालों का कहना है वह लोग हर पार्टी के नेताओं से गांव की सड़क बनाने का आग्रह कर चुके है मगर किसी ने उनकी सुध नहीं ली। अब थक हार कर ये निर्णय लिया है।

सभी पार्टियों को लेकर है नाराजगी

ग्रामवासियों के मुताबिक पूरा ग्राम पंचायत को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क जो सेरिया मोड़ से सेरिया के उत्तर से पूरेश्वर नाथ महादेव मंदिर के रास्ते गांव में आती है। दूसरा केवरा के बीच से पूरा के तरफ आने वाला। दोनो मार्गो के निर्माण के लिए ग्रामीण सहित प्रधान सुनील कुमार पांडेय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के यहां दौड लगा लगाकर थक गये कहीं सुनवाई नहीं हुआ। खास यह कि सेरिया के तरफ जाने वाली सडक बना है लेकिन पूरा के तरफ मुड़ते ही गढ्ढों मे तब्दील हो चूकी सडक। ग्रामीणों का कहना है कि ढाई दशक से अधिक हो गये गांव के लोग हर चुनाव मे जनप्रतिनिधियों के समक्ष इस सड़क के निर्माण की बात रखते हैं लेकिन चुनाव समाप्त होते ही मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं की राह अख्तियार कर लेते हैं। ऐसी परिस्थिति में ग्रामीणों ने अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। वोट बहिष्कार बैठक मे महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इस मौके पर परमहंस सिंह, संतोष तिवारी,संजय सिंह, राम जनम वर्मा, शशि कांत वर्मा, दिनेश तिवारी, सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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