बलिया। दो माह पहले ही जोधपुर से जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर के अरनिया भेजा गया बलिया का लाल बृजेन्द्र बहादुर सिंह ‘नापाक’ गोली का शिकार बन गया। पाकिस्तान ने गुरुवार की रात सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भीषण गोलीबारी की थी इसमें देश की सुरक्षा में सीमा पर तैनात बृजेन्द्र भी चपेट में आ गया। बीएसएफ कांस्टेबल की शहादत से पूरा बलिया शोक में डूब गया है। शुक्रवार की अल सुबह बांसडीह के नारायणपुर स्थित पैतृक गांव में सेना के अधिकारियों ने परिवार को बृजेन्द्र के शहीद होने की खबर दी तो घर ही नहीं बल्कि गांव और पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया।
पिता ने कहा, इकलौते पुत्र की शहादत पर फक्र
अशोक कुमार सिंह के इकलौते बेटे बृजेंद्र 2005 में बीएसएफ की 192 बटालियन में भर्ती हुए थे। दो माह पहले बृजेंद्र का जोधपुर से अरनिया ट्रांसफर हुआ था। उनके शहादत की खबर मिलते ही पत्नी सुष्मिता और उनके माता-पिता का कर बुरा हाल है। बृजेंद्र के दो बेटे में भूपेंद्र सात साल का है जबकि संत राज पांच वर्ष का। शहीद जवान का शव शनिवार सुबह तक आने की संभावना है। शहीद बृजेंद्र के पिता का कहना है कि उन्होंने देश के लिए अपना इकलौता बेटा खो दिया पर वो अपने दोनों मासूम पोतों को भारत माता की सुरक्षा के लिए तैयार करेंगे।

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