लक्खा इनामी झुन्ना तो नहीं आया हाथ लेकिन दो साथी मुठभेड़ मे गिरफ्तार, रिंग रोड के पास रात को तड़ तड़ायी गोलियां

वाराणसी। कुछ दिनों पहले तक श्रीप्रकाश उर्फ झुन्ना पंडित को लेकर पुलिस बेफ्रिक रहती थी। वजह, संगीन मामलों के आरोपित का किसी वारदात में नाम नहीं आ रहा था। हकीकत इससे इतर थी और झुन्ना लगातार रंगदारी के लिए लोगों को आतंकित कर रहा था। पूर्व प्रधान को अगवाकर अधमरा करने के बाद उसने दिव्यांग की हत्या और एक अन्य बेकसूर को गोली मारकर चुनौती दी तो पुलिस के होश फाख्ता हो गये। एक दिन पहले भारी संख्या में लोगों ने विरोध-प्रदर्शन कर अल्टीमेटम दिया तो गिरोह से जुड़े सात सदस्यों पर इनाम की राशि बढ़ायी गयी। झुन्ना पर पहले ही एक लाख का पुरस्कार हो चुका है जबकि साथी रवि पर भी बढ़ा दिया गया। क्राइम ब्रांचप्रभारी विक्रम सिंह के साथ सारनाथ और कैंट पुलिस ने गुरुवार की देर शाम झुन्ना गिरोह के दो सदस्यों को साहसिक मुठभेड़के दौरान धर-दबोचा।

इनामी दीपक राजभर और शैलेश चढ़े हाथ  

झुन्ना गिरोह के सक्रिय सदस्यों के रिंग रोड से गुजरने की सूचना पर क्राअम ब्रांच ने घेराबंदी की थी। बाइक से जा रहे संदिग्धों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। इस पर वायरलेस से सूचना प्रसाारित कर आसपास के थानों की फोर्स को बुला लिया गया। पुलिस की फायरिंग में जख्मी घायल बदमाश शैलेष पटेल 15 हजार का इनामी हैजबकि दीपक राजभर उर्फ मन्‍या पर 25 हजार का पुरस्कार है। आशंका जतायी गयी है कि दोनों लालपुर के दिव्यांग हत्याकांड में शामिल थे। गिरोह से जुड़े बदमाशों के साथ होने की संभावना पर इलाके को सील कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा था।

बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचा ली जान

मुठभेड़ के दौरान मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर कैंट अश्वनी चतुर्वेदी ने ललकारते हुए बदमाशों को आत्म समर्पण की चेतावनी दी। एक पर एक बदमाश ने उन्हें लक्ष्य कर गोली चला दी। संयोग थाकि गोली बुलेटप्रूफ जैकेट में फंस गयी अन्यथा कुछ भी हो सकता था। मौके पर एसपी सिटी दिनेश सिंह, एसपी क्राइम ज्ञानेन्द्रनाथ प्रसाद, एएसपी व सीओ कैंट डा. अनिल कुमार, इंस्पेक्टर सारनाथ विजय बहादुर सिंह समेत आला अधिकारी पहुंच गये थे।

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