बांदा। मार्बल-टाइल्स के कारोबार के संग कई क्रेशर के मालिक प्रदीप सिंह उर्फ नीलू बुंदेलखंड के प्रमुख उद्यमी में शामिल हैं। लक्जरी वाहन से पहुंचे बदमाशों ने 21 सितंंबर की देर शाम उनके आफिस से फिल्मी तरीके से अगवा कर लिया था। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों को टेप से बांध दिया गया और नीलू को उसके वाहन से लेकर बदमाश निकल गये। इस सनसनीखेज वारदात के बाद सनसनी फैल गयी। एडीजी इलाहाबाद एसएन सावत ने बदमाशों की धर-पकड़ के लिए विशेष तौर पर एसटीएफ की वाराणसी यूनिट के इंस्पेक्टर शैलेश सिंह और उनकी टीम की डिमांड की। टीम को फौरन रवाना किया गया। वहां जांच में पता चला कि अपराधियों ने जिस स्कार्पियों का इस्तेमाल किया था वह 10 दिन पहले उत्तराखंड से लूटी गयी। नीलू को लेकर बदमाश एमपी में चले गये। एक पखवारे की शांंति के बाद फिरौती के रूप में 21 लाख की डिमांड आयी। रकम लेने की खातिर आये बदमाशों को मुठभेड के दौरान दबोच लिया गया। एस दौरान एक दरोगा को गोली लगी जबकि एक बदमाश भी जख्मी हुआ है। खुलासा करने वाली टीम को एक लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है।

कई प्रांतों के संग नेपाल तक था नेटबर्क

एसटीएफ को आरम्भिक जांच में पचा चला कि गिरोह का सरगना राजेन्द्र रावत, उर्फ डाक्टर उर्फ विक्रम सिंह उर्फ हेमंत सिंह दो साल पहले मैनपुरी जेल से साथियों के संग फरार हुआ था। हत्या-लूट के दो मामलों में उसे अजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड,मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुके राजेन्द्र के गिरोह में नेपाल के भी बदमाश शामिल हैं। सटीक मुखबिरी पर उसने नीलू को अगवा किया था। इसके लिए नेपाल से भी बदमाश बुलाये गये और वारदात के बाद मध्य प्रदेश में नीलू को दो दिन तक तो सरकारी टेलीफोन एक्सचेंज में रखा गया। राजेन्द्र इस वारदात के बाद एक दुर्घटना में जख्मी हो गया जिससे फौरन फिरौती की मांग नहीं की जा सकी। डिमांज होने के साथ पुलिस सक्रिय हो गयी। सतना-कलिंजर मार्ग पर हुई मुठभेड़ में बदमाशों ने पुलिस पर 17 राउंड फायर किये जिसमें एक गोली एसआई संतोष सिंह के हाथ में लगी। एसपी एस आनंद के नेतृत्व में पुलिस ने जबावी फायर किये जिससे राजेन्द्र जख्मी हुआ।

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