खतरे में खाकी का ‘इकबाल’, भूमि विवाद में बवाल कर रहे मनबढ़ों को जबरन पुलिस के कब्जे से छुड़ाया

वाराणसी। दीपावली के अगले दिन हरसोस (जंसा) में पुलिस-पब्लिक संघर्ष के बाद से फोर्स बैकफुट पर नजर आ रही है। इसका नमूना नवहानीपुर गांव (कपसेठी) में शनिवार की शाम देखने को मिला। यहां पर चकरोड विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। मामला इतना तूल पकड़ा कि दोनों पक्ष लाठी डंडा तथा ईंट पत्थर से लैस होकर एक दूसरे पक्ष पर हमला करने के लिए लवामबंद होकर जुट गये। सूचना मिलते ही कपसेठी की डायल 100 पुलिस मौके पर पहुंच कर विवाद कर रहे कुछ युवकों को हिरासत में लेकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। पुलिस हिरासत में लिए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर झड़प भी शुरू हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस हिरासत में लिए गए युवको को जबरन पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया।

प्रधान पर दबाव बनाने लगी पुलिस

मनबढ़ों की हरकत के बाद पुलिस मौके पर मूकदर्शक बनकर देखती रह गई। मामला तब शांत हुआ जब पुलिस ने प्रधान से कहा कि बगैर पैमाइश चकरोड पर खड़ंजे का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। प्रधान द्वारा निर्माण कार्य न कराने की बात पर दूसरा पक्ष भी शांत हो गया। बावजूद इसके गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।

क्या था मामला

गौरतलब है कि नवहानीपुर के प्रधान मंगला बिंद शनिवार दोपहर गांव के ही एक विवादित चकरोड पर खड़ंजे का निर्माण करवाना चाहते थे। गांव के ही रमेश बिंद चकरोड की भूमि को अपना निजी बताकर खड़ंजे के निर्माण का विरोध करने लगे। इसी दौरान दोनों पक्ष के लोग भारी संख्या में आमने-सामने डट गए थे।म् ाौके पर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। गांव में चकरोड को लेकर विबाद काफी दिनों से चल रहा है। बगैर मामले का निस्तारण हुए ही प्रधान उक्त विवादित स्थल पर खड़ंजा का निर्माण करवाने चले गए थे जिससे मामला फिर गरमा गया है।

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