जौनपुर। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद एक के बाद एक कर ब्लाक प्रमुखों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो रहे हैं। सोमवार को बक्शा प्रमुख रंजीत यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद चर्चाओं की माने तो अगला निशाना करंजाकला है। यहा पर पूर्व मंत्री और विधायक जगदीश सोनकर के भाई दीपचंद्र सोनकर ब्लाक प्रमुख हैं। इसके अलावा भी ब्लाक प्रमुख निशाने पर हैं। खुटहन से इसका सिलसिला आरम्भ हुआ था और सिकरार के बाद तीसरे ब्लाक प्रमुख की कुर्सी जाती देख मौजूदा ब्लाक प्रमुख सक्रिय हो गये हैं। दूसरी तरफ विरोधियों ने भी उन्हें हटाने की खातिर पूरी ताकत झोंक दी है। आरोप है कि पर्दे के पीछे से सत्ताधारी दल की मदद मिल रही है।

काफिले के साथ पहुंचे वीडीसी वोकिंग को

विधानसभा चुनाव के बाद से ही तख्ता पलट की चल रही कोशिशों में बक्शा ब्लॉक प्रमुख रंजीत यादव के विपक्षी सजल सिंह सोमवार को कामयाब हो गए। भारी सुरक्षा ब्यवस्था के बीच कुल 101 सदस्यों में से सदन पहुँचे 57 सदस्यों में 56 लोगो ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। जबकि विरोध में एक मात्र वोट स्वयं ब्लॉक प्रमुख रंजीत यादव ने दिया। एसडीएम सदर प्रियंका प्रियदर्शिनी व एएसपी संजय राय के नेतृत्व में पुलिस फोर्स नाके-नाके पर मुस्तैद रही। लगभग 11 बजे अचानक ब्लॉक के पश्चिमी गेट के पास सजल सिंह के नेतृत्व में वाहनों का लम्बा काफिला रुकना शुरू हुआ तो पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। वाहनों से एक-एक कर उतर रहे बीडीसी सदस्य को पुलिस लाइन में करना शुरू कर बाहरी लोगों को शक्ति के साथ हटाना शुरू कर दिया। मात्र 15 मिनट में ही बीडीसी सदस्य गेट पर ही परिचय पत्र प्राप्त कर सदन में चले गए। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख रंजीत यादव सहित कुल 57 सदस्यों ने पहुँच उपस्थिति दर्ज कराई। ठीक साढे ग्यारह बजे एसडीएन सजल एवं सदस्यों द्वारा ब्लॉक प्रमुख पर लगाए गये आरोपो को पढ़कर सुनाते हुए चुनाव के तरीके की जानकारी दी। सदन में परिचर्चा के दौरान वोटिंग कराने का निर्णय हुआ। सबसे पहले वोटिंग महिला बीडीसी द्वारा ततपश्चात पुरुष बीडीसी सदस्यों द्वारा किया गया। मतदान संपन्न होते ही गिनती का कार्य शुरू हुआ। उपजिलाधिकारी द्वारा परिणाम की गई घोषणा में 56 मत अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में तथा मात्र एक मत विरोध में पड़ने की बात कहते ही समर्थको में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।

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