वाराणसी। कचहरी परिसर के विस्तारीकरण,आधुनिकीकरण एवं सुंदरीकरण को लेकर सेंट्रल और बनारस बार असोसिएशन की प्रबंध समिति और वरिष्ठ अधिवक्तामण्डल की हंगामी बैठक सेंट्रल बार में गुरूवार को हुई। बैठक में प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री और राज्यमंत्री से अनुरोध किया गया कि कोर्ट परिसर के विस्तारीकरण के क्रम में कोर्ट परिसर से सटे उद्यान विभाग में कोर्ट और वकीलों के विश्रामालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। जनपद न्यायाधीश आवासीय परिसर में बहुमंजिली सुविधा युक्त आवासीय व्यवस्था हो,सिविल कोर्ट के सामने मुख्यमार्ग पर खाली कोर्ट की जमीन पर मल्टीस्टोरी पार्किंग की व्यवस्था हो साथ ही परिसर में समुचित शौचालय,पेयजल,चिकित्सालय का भी निर्माण हो।

पीएम का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद बदहाली

दरअसल यह बैठक केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा कचहरी के विस्तारीकरण हेतु वकीलों से मांगे गए सुझाव के बाद बुलाई गई थी। बैठक में कहा गया कि हिंदुस्तान की सांस्कृतिक नगरी और पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र स्थित कचहरी समुचित सुविधाओं के आभाव से ग्रस्त है। यहां 15 हजार अधिवक्ता और 50 हजार वादकारी रोजाना आते हंै जहां बैठने, पेयजल, पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं है। इन्ही समस्याओं को लेकर विस्तारीकरण के लिए उद्यान विभाग की जमीन लेकर मॉडल कचहरी बनाने हेतु यूपी सरकार से अनुरोध किया गया। अलबत्ता बैठक में स्थानातरण का विरोध किया गया और विस्तारीकरण पर विशेष बल दिया गया। बैठक की अध्यक्षता सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रभुनाथ पाण्डेय व संचालन महामन्त्री संजय सिंह दाढ़ी ने किया। इसमें बनारस बार अध्यक्ष नरेंद्र श्रीवास्तव,महामन्त्री रजनीश मिश्र, हरिशंकर सिंह,राधेश्याम चौबे,दीनानाथ सिंह,अशोक सिंह प्रिन्स,अजय श्रीवास्तव,सुरेश श्रीवास्तव,घनश्याम पटेल,चन्द्रमा सिंह,अशोक राय,विवेक शंकर तिवारी,शिवपूजन गौतम,रंजन मिश्र आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।

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