आजमगढ़। कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए मड़ई में अलाव जलाया था लेकिन गपरुवार की देर रात वही आग काल साबित हुई। मंडई में अलाव रखकर सो रहे एक ही परिवार के दो बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गयी जबकि करीब आधा दर्जन बेजुबान पशु भी झुलस गये है। दर्दनाक घटना के बाद रौनापार (आजमगढ़) के बरडिहा गांव की दलित बस्ती ही नहीं पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है। मौके पर पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी पहुंच कर पीडित परिजनों को हर सम्भव मदद का भरोसा दे रहे है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ मडई में गंभीर रूप से झुलसी गाय, बछड़ा और आधा दर्जन बकरियों का इलाज चल रहा है।

मडई में गुजर करता था अत्यंत गरीब परिवार

बरडिहा गांव की दलित बस्ती के रहने वाला रामसागर मंडई में पत्नी और दो बच्चों के साथ अपना गुजारा करते थे। गुरूवार की रात परिजनों ने भोजन के बाद सोने से पहले ठंड से बचने के अलाव जलाया और सो गये। देर रात को अचानक अलाव की आग ने पूरी मड़ई को अपने आगोश में ले लिया। आग इस कदर विकराल थी कि मंडई में सो रही रामसागर की पत्नी प्रभावती, दो बच्चियां चन्द्रशील और संगीता की झुलसने से मौके पर ही मौत हो गयी जबकि रामसागर गंभीर रूप से झुलस गया। स्थानीयों की मदद से उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां उसकी कुछ ही देर बाद मौत हो गयी। चार लोगों की मौत के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। इसके साथ मंडयी में बधे बेजुबान गाय, बछड़ा और आधा दर्जन बकरियां भी झुलस गयी। सूचना के बाद मौके पर पुलिस रात में ही पहुच गयी और सुबह होते-होते पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुचे। अगलगी में झुलसे पशुओं का उपचार शुरू कर दिया गया। वही प्रशासन के अधिकारियों ने पीडित परिजनों को आवास, किसान दुर्घटना सहित हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया है।

admin

No Comments

Leave a Comment