महज तीन साल में का गजों पर कर दिया डेढ़ करोड़ का तारकोल पार, पीडब्ल्यूडी के जेई को ईओडब्ल्यू ने दबोचा

वाराणसी। मुख्य अभियंता के कार्यालय में ठेकेदार की खुदकुशी के बाद से पीडब्ल्यूडी के ‘अच्छे दिन’ खत्म होते दिख रहे हैं। अब पुराने मामलों की फाइल की नहीं निकल रही बल्कि इसमें वांछितों की गिरफ्तारी भी की जा रही है। ताजा मामला जौनपुर में डेढ़ दशक पहले हुए तारकोल घोटाले का है जिसकी विवेचना कर रही आर्थिक अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मुख्य आरोपित है दिनेश पाण्डेय निवासी डेढ़वा सैयदराजा (चन्दौली) को धर-दबोचा। आरोप है कि दिनेश पाण्डेय ने महज तीनसाल की अवधि में कागजों पर ही डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का तारकोल मंगाया और वितरित भी कर दिया।

पुलिस से जांच मिली थी ईओडब्ल्यू को

प्रान्तीय खण्ड पीडब्ल्यूडी जौनपुर में 26 सितंबर 2006 से 19 सितंबर 2009 के बीच 157 लाख 18 हजार 530.00 रुपए की बिटुमिन (तारकोल) को फर्जी तौर पर आगमन एवं निर्गमनदर्शाकर गबन किया गय था। इस मामले में थाना लाइन बाजार में आईपीसी की धारा 409, 419, 420, 467, 468, 471, 120बी, 34 भादवि0 व 13(2) भ्रनि अधिनियम के मुकदमा दर्ज कर वांछित तत्कालीन अवर अभियन्ता भण्डार दिनेश पाण्डेय समेत दूसरे आरोपितों की तलाश की जार ही थी। दिनेष पाण्डेय लगभग डेढ़ साल से फरार चल रहा था तथा ईओडब्ल्यू से बचने के लिये बार बार अपना पता बदल कर अलग अलग स्थानों पर रहता था। लगातार छह माह के प्रयास के बाद अन्तत: दिनेष पाण्डेय को गिरफ्तार किया जा सका है।.

टीम को मिला पुरस्कार

एसपी ईओडब्ल्यू वाराणसी सतेन्द्र कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन करके वांछित अभियुक्तों की तलाश करायी गयी। लम्बे समय तक दबिशों के बाद अन्तत: इंस्पेक्टर कमलेश्वर सिंह तथा मुख्य आरक्षी संजय सिंह की संयुक्त टीम के द्वारा दिनेश को उसके मौजूदा ठिकाने बसही (शिवपुर) से गिरफ्तार किया गया। डीजी ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 5 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। 

Related posts