कचहरी परिसर व कोर्ट को सेनिटाइज करने के बाद जिला न्यायालय में न्यायिक कार्य शुरू, मौजूदा व्यवस्था से वकील संतुष्ट नहीं

वाराणसी। लॉक डाउन की अवधि में काफी दिनों से न्यायिक कार्य बाधित होने तथा हाइकोर्ट के आदेशानुसार जिला न्यायालय द्वारा शुक्रवार से कार्य शुरू किया गया। किए जा रहे कार्यों, वादों एवं प्रार्थना पत्रों को प्रस्तुत करने तथा उस पर सुनवाई की प्रक्रिया आदि की जानकारी सभी संबंधितो को प्रदान करने तथा जनमानस तक पहुंचाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुधा सिंह ने दीवानी न्यायालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पैरा लीगल वालटियर्स की बैठक की। थर्मल स्कैनिंग और सोशल डिस्टेसिंग का सही तरह सा पालन न होने का आरोप लगाते हुए वकीलों ने व्यवस्था से नाखुशी दर्शायी है। बहरहाल न्यायिक कार्य शुरू होने से पूर्व नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पूरे परिसर सहित न्यायालय कक्षों को सैनिटाइज किया गया तथा कोर्ट परिसर में आने वाले सभी लोगों का थर्मल स्कैनिंग भी पैरामेडिकल की टीम द्वारा किया गया।

पैरा लीगल वालटियर्स को दिेये यह निर्देश

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने बताया कि जिला जज उमेश चंद शर्मा के निदेर्शानुसार न्यायालय को खुलने के क्रम में आम जनमानस को जानकारी देने एवं कोर्ट की कार्यवाही लॉक डाउन के दौरान प्रचलित है के संबंध में बैठक के दौरान पैरा लीगल वालटियर्स को बताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ही रहकर इस बाबत कार्यवाही व जनमानस में न्यायालय खुलने को प्रचारित करने को कहा गया। पीएलबी के नाम व पता तथा मोबाइल नंबर की सूची जनपद न्यायालय की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा। ताकि किसी अधिवक्ता को किसी विधिक राय व कोर्ट की जानकारी हो, तो पीएलबी के फोन पर वार्ता कर सहायता ले सकते हैं। उन्होंने न्यायालय कार्य के दौरान अधिवक्ताओं शीत लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाते हुए दायित्वों का निर्वहन किए जाने की अपील की है।

न्याय बन्धु ऐप से मिलेंगी नि:शुल्क कानूनी राय

न्याय बंधु (प्रो बोनो लीगल सर्विसेज) अब गरीब जरूरतमंद लोगों के लिए रजिस्टर्ड प्रो बोनो एडवोकेट्स की नि:शुल्क विधिक सेवाएं न्याय बंधु मोबाइल एप पर उपलब्ध है। भारत सरकार के विधि मंत्रालय की ओर से अधिवक्ताओं, वादकारिर्यों एवं समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को नि:शुल्क विधिक सेवा प्रदान करने के लिए ऐप लॉन्च किया गया है। न्याय बंधु ऐप के जरिए घर बैठे कानूनी राय व सहायता दी जा सकती है। न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उमेश चंद्र शर्मा के निदेर्शानुसार इसकी जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने बताया कि न्याय बंधु मोबाइल ऐप गरीब व जरूरतमंद लोगों को रजिस्टर्ड प्रो बोना एडवोकेट्स से संपर्क कर नि:शुल्क कानूनी सेवा देने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि यह ऐप हिंदी व अंग्रेजी में उपलब्ध है तथा इसका प्रयोग विभिन्न श्रेणियों के लोग कर सकते हैं। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति संविधान के अनु0 23 में यथानिदिष्ट मानव के दुर्व्यवहार अथवा बेगार का शिकार व्यक्ति स्त्री व बालक, वह व्यक्ति जो अभिरक्षा में है तथा औद्योगिक कर्मकार, बहुविनाशक, जाति हिंसा, जाति अत्याचार, बाढ़ सूखा, भूकंप, अथवा औद्योगिक संकट का शिकार कानून के तहत निर्धारित राशि से कम सालाना आय वाला व्यक्ति व अन्य हो सकते हैं।

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