पुलिस के निशाने पर चर्चित झुन्ना पंडित का ‘खानदान’, भाई ही नहीं माई को भी किया जेल रवाना

वाराणसी। पिछले माह पंजाब पुलिस के साथ मुठभेड़ में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार एक लाख के इनामी रह चुके श्रीप्रकाश मिश्र उर्फ झुन्ना पंडित के घरवालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कैण्ट पुलिस ने दिव्यांग दिलीप हत्याकांड व पूर्व प्रधान सथवां राजेश पटेल अपहरण कांड में इनाम घोषित कराया। रविवार को अपने रिकार्ड में 25 हजारा इनामी भाई जय प्रकाश मिश्रा उर्फ मोनू व 20 हजार रुपये की इनामिया मां उषा देवी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि झुन्ना के अपराधों की दोनों को जानकारी ही नहीं थी बल्कि इनकी किसी न सिकी रूप में संलिप्तता भी रही। उनके पास से पुलिस पैशन प्लस बाइक और मोबाइल के अलावा कुछ बरामदगी नहीं दर्शा सकी। रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद उन्हे जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक यह किया ‘कबूल’

सीओ कैंट का कार्यभार देख रहे एएसपी ने बताया कि इंस्पेक्टर कैंट अश्वनी चतुर्वेदी ने सटीक सूचना पर छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर मोनू ने बताया कि मैं शातिर अपराधी झुन्ना पंडित का सगा बड़ा भाई हूं। मैं व मेरी मां उषा देवी अपने घर हाशिमपुर रमदत्तपुर में रहकर झुन्ना पंडित के साथियो की देखरेख व उनकी देखभाल करते हैं। उनके द्वारा लूट व फिरौती से मांगी गयी रकमो को अपने पास रखती हूं ताकि लोगो को कोई शक न हो। पूर्व प्रधान सथवां राजेश पटेल के 28 अगस्त हुए अपहरण में मेरा भाई झुन्ना पंडित, रवि पटेल, संजय पटेल, टुनटुन, रमेश पटेल शामिल थे। मेरे ही घर हाशिमपुर रमदत्तपुर में लूट की योजना बनी थी जिसमें मेरा पुरा परिवार सम्मलित था। कुछ ऐसा ही दिव्यांग हत्याकांड में भी था।

पिता पर भी कस चुका है शिकंजा

समूचे घटनाक्रम से साफ हो चुका है कि पुलिस ने अब झुन्ना के पूरे परिवार पर शिकंजा कसने की कवायद को अंतिम रूप से दिया है। भाई और मां को जेल भेजने के बाद अब पिता नन्दलाल मिश्रा की बारी है। झुन्ना की सभी संगीन वारदातों की योजना की जानकारी से साजिशकर्ता के रूप में उनका नाम बढ़ने के बाद शिकंजा कस जायेगा।

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