वाराणसी। चंदौली के पूर्व सांसद और सपा नेता जवाहर लाल जायसवाल की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ती नजर आ रही है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी यादव की अदालत ने बैंककर्मी महेश जायसवाल हत्याकांड में साजिश रचने के आरोपी पूर्व सांसद और उनके पुत्र गौरव जायसवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने यह आदेश दोनों आरोपियों की हाइकोर्ट में दी गई याचिका को खारिज होने के बाद दिया। कोर्ट में आरोपियों की तरफ से दिए गए आवेदन में अनुरोध किया है कि हाइकोर्ट में 482 सीआरपीसी के तहत दी गई याचिका खारिज होने के बाद पुलिस उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न करे। पीड़ित सन्त प्रसाद के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह की दलील थी कि आरोपी याचिका खारिज होने के बावजूद कोर्ट में हाजिर नही हो रहे है ऐसे में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाय। अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए दोनों लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 7 फरवरी की तिथि नियत की।

आरोप पत्र दायर होने पर बढ़ी कार्रवाई

प्रकरण के मुताबिक इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ फरार होने की घोषणा के बाद हाइकोर्ट ने विवेचना पूर्ण होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। बाद में पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ अदालत में पेश होने के लिए सम्मन जारी किया था। माना जा रहा है कि सीजेएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ पूर्व सांसद की तरफ से उपर की अदालत में अपील की जायेगी।

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