वाराणसी। शहर में सात साल से अधिक पुराने आटो रिक्शा तथा बिना परमिट के आटों को महानगर की सीमा से बाहर किया जायेगा। इसके लिए शहर की सीमा में चल रहे वैध परमिट सिटी परमिट आटो को एक क्रम संख्या जारी किया जायेगा। जिसकों वाहन स्वामी द्वारा मोटे अक्षरों में आटों के सामने मेरर पर वायी तरफ व पीछे परदे के उपरी भाग पर अमिट इंक से लिखा जायेगा। पुराने तथा प्रदूषण के मानक न पूरा करने वाले आटो को यह नम्बर नहीं जारी किया जायेगा एवं ऐसे वाहनों को नगर क्षेत्र से बाहर किया जायेगा। नगर में सुगम एवं सुव्यवस्थित यातायात की खातिर बुधवार को आरटीओ, नगर निगम, प्राइवेट बस यूनियन चैकाघाट, आटो यूनियन, ई-रिक्शा यूनियन, विक्रम यूनियन के पदाधिकारियों की पुलिस लाइंस में संयुक्त गोष्ठी में यह निर्णय लिया गया। पहली जनवरी से यह प्रभावी होगा और 16 दिसंबर से आटो पर क्रमांक लिखाना शुरू हो जायेगा।

सीज होंगे चायनीज ई-रिक्शे

शहर में अत्याधिक ई-रिक्शा की संख्या नियंत्रित किये जाने हेतु ई-रिक्शा चालकों को स्मार्ट सिटी ई-रिक्शा क्रमाक जारी किया जायेगा। इसे ई-रिक्शा के आगे व पीछे अमिट इंक से अंकित कराना अनिवार्य होगा। यह क्रमाक उन्ही ई-रिक्शा को प्रदान किया जायेगा, जिनका जिनका ड्राइविग लाइसेन्स, वैध कागजात पूर्ण एवं आरटीओ में पंजीकरण कराया गया होगा। बिना वैध कागजात एवं तकनीकी मानक को पूरा न करने वाले चायनीज एवं एसेम्बल्ड ई-रिक्शा को सीज कर दिया जायेगा। बैठक में एसपी ट्रैफिक सुरेश चन्द्र रावत, आरटीओ प्रवर्तन केडी सिंह, आरटीओ राजीव कुमार, एआरटीओ (प्रवर्तन) श्यामलाल व लोकेश जैन, अधिशासी अभियन्ता नगर निगम प्राइवेट बस यूनियन गाजीपुर के अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह तथा आटो यूनियन के अध्यक्ष दीनानाथ सिंह दीनू आदि मौजूद थे।

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