पुलिस की एफआईआर में जागृति बवाल की ‘जिम्मेदार’ तो प्रियंका की तरफ से फौरन मिला ‘पुरस्कार’, छह मंडलों की जिम्मेदारी

लखनऊ। नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएए) के विरोध को लेकर कांग्रेस ने अपना पूरा जोर लगा दिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले विरोध-प्रदर्शन में भले ही खुल कर कांग्रेसी सामने न दिखे लेकिन इसके ‘रणनीतिकार’ पार्टी से जुड़े निकल रहे हैं। खास यह भी कि इसमें शामिल लोगों को फौरन ही ‘पुरस्कार’ भी मिल जा रहा है। सम्भवत: यही कारण है कि प्रियंका वाड्रा की अगुवाई वाली कांग्रेस में लंबे समय से पार्टी का झंडा-दरी उठाने वाले हाशिये पर होते जा रहे है जबकि एनजीओ से जुड़े वामपंथियों को खासी तवज्जो मिल रही है। ताजा मामला जागृति राही का है।

विवादों के बाद बढ़ता जा रहा कद

गौरतलब है कि जागृति राही भले राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए काम करती रही हो लेकिन उनका नाम चर्चा में प्रियंका के पिछले दौरे के समय आया था। संगठन से जुड़े वह लोग जो सीएए के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे थे उन्हें पिछली कतार ही नहीं बल्कि मुलाकाती की सूची से बाहर कर दिया गया। उसे लेकर खासा बवाल हुआ। इसके बाद जागृति खुल कर सामने आयी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में दिल्ली की तरह ‘शाहीन बाग’ बनाने की कोशिश भले ही सफल न हो सकी लेकिन पुलिस ने एफआईआर में रणनीतिकार बनाया तो शनिवार को कांग्रेस की बैठक में अहम घोषणा की गयी। पार्टी ने नागरिक समाज संगठनों के साथ समन्वय बनाने के लिए प्रदेश में जिन चार लोगों को चुना उसमें जागृति राही भी है। उन्हें पूरे छह मंडलों की जिम्मेदारी मिली है। इससे साफ हो गया है कि प्रियंका वाड्रा ने भी पार्टी को अपने अंदाज में चलाना शुरू कर दिया है और इसमें पुरनिये और घरानों के बदले एनजीओ से जुड़े लोगों को जवज्जो मिलेगी।

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