मीरजापुर। दलित अमित कुमार ने जाति प्रमाणपत्र की खातिर आवेदन किया तो कानूनगो सत्य नारायणन सिंह ने इसकोे एवज में 20 हजार रुपये की मांग की। आवेदक ने गरीबी का वास्ता देते हुए पांच हजार रुपये दे दिये लेकिन कानूनगो का कहना था कि बगैर पूरी रकम दिये काम नहीं होगा। इस पर अमित ने एसपी विजलेंस वाराणसी शिवशंकर सिंह को प्रार्थना पत्र दिया था। एसपी ने इसकी जांच इंस्पेक्टर चंद्रमौली त्रिपाठी को सौंपी। जांच मे सत्यता पाए जाने पर एसपी ने ट्रैप टीम गठित किया गया। डीएम ने दो राजपत्रित अधिकारी गवाह के रुप मे उपलब्ध कराए। बुधवार की दोपहर दो बजे दिन विजलेंस टीम ने फत्तेपुर टोल प्लाजा (अदलहाट)से 500 मीटर पहले सड़क किनारे 15 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ कानूनगो सत्य नारायन सिंह को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

ब्लाक प्रमुख की सिफारिश भी नहीं सुनी थी

छोटा मिजार्पुर (अदलहाट) निवासी निवर्तमान ब्लाक प्रमुख संजय सोनकर ने 8 जनवरी 2018 को अमित कुमार पुत्र गरीब दास हरिजन निवासी चैनपुरवां हमीदपुर (जमालपुर) के जाति प्रमाण पत्र की जांच कर रिपोर्ट लगाने की खातिर रिश्वत मांगने की शिकायत विजलेंस से की थी। उनका कहना था कि पहले भी कई बार पैरवी की गयी लेकिन धन लिये बगैर रिपोर्ट लगाने को कानूनगो राजी नहीं हैं। रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तारी केबाद कानूनगो के हांथ की अंगुलियों को धुलवाया गया तो पानी रंगीन हो गया। भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7/3 एक डी (13)2 तहत मुकदमा पंजीकृत जेल भेज दिया गया। कानूनगो 31 जनवरी 2018 को सेवा निवृत होने वाला है। गिरफ्तारी टीम मे इंस्पेक्टर चंद्र मौलि त्रिपाठी, इंस्पेक्टर रमाकांत पांडेय, इंस्पेक्टर सुरेश प्रसाद त्रिपाठी, इंस्पेक्टर राजेश वर्मा सहित कांस्टेबिल बाबूलाल कन्नौजिया, राजू मोहन सिंह, अभिलेख पांडेय, नवीन चौरसिया आदि रहे।

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