यूं बनी बात तो मान गये अफजाल और उनके ‘करीबी’ अतुल राय के खास, पुलिस-प्रशासन ने किये थे तेवर तल्ख

गाजीपुर। ईवीएम को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद पहला राउंड जहां गठबंधन के प्रत्याशी अफजाल अंसारी के नाम रहा तो वहीं स्थिति काबू से बाहर जाते देख पुलिस-प्रशासन ने तेवर कड़े कर लिये थे। इससे पहले अंसारी परिवार के करीबी और बाहुबली मुख्तार के खास घोसी से प्रत्याशी अतुल राय के समर्थकों के बवाल के बाद पुलिस ने लाठियां पटक कर खदेड़ दिया था। पहले तो जिच कायम थी लेकिन पुलिस-प्रशासन के तेवर भांपकर मध्यस्त की तलाश होने लगी। पूर्व सांसद खेमे ने एक मीडियाकर्मी पर भरोसा जताया और जिलाधिकारी ने भी उनकी बात से सहमति जता दी। दूसरी तरफ मऊ में तो पूर्व विधायक के करीबी तक हवालात पहुंच चुके थे लेकिन बाद में किसी तरह मुक्ति मिल सकी।

मांग थी 10 की लेकिन पांच पर सहमति

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के भाई पूर्व सांसद अफजाल अंसारी के साथ पहुंचे लोगों ने पहले तो खासे तेवर दिखाते हुए एसओ के साथ बदजुबानी से चूक नहीं की थी। इसके बाद फोर्स का घेरा बढ़ता गया। अफजाल की तरफ से 10 लोगों को भीतर रखने की मांग की गयी थी डीएम तीन से अधिक को अनुमति देने को तैयार नहीं थे। ऐसे में किसी ऐसे मध्यस्त की तलाश शुरू हुई जिसकी बात दोनों पक्ष मान सके। एक मीडियाकर्मी के जरिये ऐसा संभंव हो सका। तय हुआ कि सभी विधानसभा के हिसाब से एक-एक आदमी रहेगा।

प्रत्याशी फरार लेकिन समर्थक कर रहे बवाल

उधर घोसी संसदीय क्षेत्र जहां से गठबंधन की तरफ से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अतुल राय दुष्कर्म का मुकदमा कायम होने और सुप्रीम कोर्ट तक से राहत न मिलने पर फरार है के समर्थकों ने सोमवार की आधी रात तक बवाल काटा। पुलिस ने पहले तो समझा कर शांत कराने का प्रयास किया लेकिन बाद में लठियाते हुए खदेड़ दिया। देर रात तक पार्टी के नेताओं और अधिकारियों के बीच वार्ता के बात पास बनने की सहमति पर प्रकरण समाप्त हो सका।

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