बहन की शादी में पहुंचा इस्पेक्टर का हत्यारोपी आतंकी, इमाम बुखारी और दिग्विजय सिंह की ‘पैरवी’ से आया था चर्चा में

अजमगढ़। देश की राजधानी दिल्ली में हुए सिलियल ब्लास्ट सहित देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त खालिसपुर गांव (बिलरियागंज) निवासी शहजाद हाईकोर्ट से मिली चार घंटे की पैरोल पर अपनी बहन की शादी में शामिल हुआ। अतंकी को देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। पुलिस किसी तरह से उसे भीड़ से बचाते हुए शाम को रेलवे स्टेशन पहुंची।जहां कैफियात एक्सप्रेस में बैठकर वह पुन: दिल्ली जेल चला गया। उसे दिल्ली से नौ कमांडो एसआई मुकेश कुमार के नेतृत्वमें घर लेकर आए हुए थे। बहन और परिवार वालों से मिलकर शहजाद तो चला गया, लेकिन उसके जाने के बाद चचार्ओं का बाजार एकबार फिर गरमा गया।

चेहरे से दिख रहे थे निश्चिंतता के भाव

गौरतलब है कि शहजाद को 2011 में यूपी एसटीएफ ने उसके घर से गिरफ्तार किया था। जिस समय शहजाद गिरफ्तार हुआ था उस समय उसके घर इमाम बुखारी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आदि पहुंचकर घर वालों को ढांढस बंधाया था। एक बार पुन: शहजाद के घर आने पर चर्चाओं का बाजार गरमा गया। काफी दिनों बाद घर वाले शहजाद को अपने बीच पाकर खुश हो गए जबकि उसके चेहरेका भाव कई तरह के सवाल पैदा करने वाला दिख रहा था। शहजाद इन दिनों चल रहे राजनैतिक घटनाक्रम से पूरी तरह से निश्चिंत दिख रहा था. इस दौरान उसने अपने सगे संबंधियों से बातचीत भी की। पैरोल का समय समाप्त होते ही पुलिस वाले उसे लेकर आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंचे।

महज चार घंटे की मिली थी पैरोल

शहजाद की छोटी बहन सुुंबुल का निकाह गांव के ही एक युवक के साथ संपन्न हुआ। पिता शेराज अहमद की मौत हो चुकी है लेकिन परिवार में अन्य सदस्य मौजूद हैं। सुंबुल की शादी में शामिल होने के लिए शहजाद की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में पत्र देकर शामिल होने की अनुमति मांगीथी। जिस पर अदालत ने उसे चार घंटे की पैरोल पर जाने कीअनुमति प्रदान किया। शहजादके घर आने की जानकारी आला अधिकारियों के अलावा एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह और खुफिया विभाग के लोगों को थी। सुबह से ही उसे लाने और ले जाने के लिए सिधारी, शहर कोतवाली और बिलरियागंज थाने की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। दिल्ली पुलिस के नौ कमांडो ट्रेन से लेकर आजमगढ़ स्टेशन पहुंचे। कड़ी सुरक्षा के बीच बज्र वाहन में सवार होकर पुलिसवाले उसे बड़ेही गोपनीय तरीके से घर पहुंचे। बाद में कैफियात एक्सप्रेस ट्रेन में बैठकर वह पुन: दिल्ली के लिए रवाना हो गया।

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