वाराणसी। पति की खासी सम्पति थी लेकिन कोई संतान नहीं थी। सम्पति के लालच में चचेरे भाइयों ने पाकिस्तानी घोषित कर सम्पति को शत्रु सम्पति की श्रेणी में डाल दिया था। इसका पता चलने पर 72 साल की उम्र में बीबी फातिमा ने कानूनी जंग शुरू कर दी। आरम्भिक जांच में पता चला कि एलआईयू ने गलत फीडबैक के आधार पर अपनी रिपोर्ट भेज दी थी जबकि हकीकत इससे जुदा थी। इस पर मुंबई से अधिकारियों की टीम जांच के लिए आयी और माना कि एलआईयू की रिपोर्ट गलत थी। फातिमा बीबी भारतीय हैं और सम्पति पर उनका हक बनता था। उम्र के इस पड़ाव पर कानूनी लड़ाई लड़ कर जीतने के चलते उन्हें आयरन लेडी भी कहा जाता था। फातिमा बीबी ने बुधवार की देर शाम 88 साल की उम्र में अंतिम सांस ली।

रिश्तेदार के चलते चपेटे में आयी थी

बताया जाता है कि अपने ससुराल सदर बाजार में अकेले रहने वाली फातिमा बीबी की सम्पति कर कई लोगों की नजर थी। इसे कब्जाने का कोई दूसरा मौका न मिलते देख उन्हें पाकिस्तानी घोषित करा दिया गया था। बाद में 2002 ने बीबी फातिमा खुक मीडिया के सामने आयी और सच्चाई बयां दी। दोबारा जांच में सही तथ्य सामने आये कि दूसरे रिश्तेदार पाकिस्तान बसे थे लेकिन पति और ससुराल के लोग इनमें नहीं थे। जुमेरात की सुबह फातिमा बीबी को अबाई कब्रिस्तान नुरूद्दीन शहीद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया जिसमें खानदानी रिश्तेदार मौजूद रहे।

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