वाराणसी। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर के बाद उत्तर प्रदेश के डीजीपी और लोक सेवा आयोग के चेयरमैन के रूप अपनी छाप छोड़ने वाले देश के बुुजुर्ग 1951 बैैच के आईपीएस जेएन चर्तुवेदी ने सोमवार को अपनी आंखे हमेशा के लिए बंद कर ली। मंगलवार को उनकी अत्येष्ठि हरिश्चंद्र घाट पर हुई। इस मौके पर एडीजी वाराणसी जोन वाराणसी पीवी रामाशास्त्री, आईजी वाराणसी परिक्षेत्र वाराणसी दीपक रतन, डीएम योगेश्वरराम मिश्र, एसएसपी आरके भारद्वाज, एसपी सिटी दिनेश सिंह समेत तमाम अधिकारी मौजूद थे। स्व. चतुर्वेदी का आवास क्लार्क होटल के पीछे हैं। उनके पुत्र सेना में है जो देहरादून में है जबकि उनकी पुत्री का विवाह वरिष्ट आईपीएस रंजन द्विवेदी के साथ हुआ है।

पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह ने दी श्रद्धांजलि

डीजीपी रह चुुके प्रकाश सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए देश के बेहतरीन पुलिस अधिकारियों में से एक बताया है। उनके शब्दों में स्व. चतुर्वेदी काम को लेकर पूरी तरह समर्पित थे। उनका व्यक्तित्व शानदार था और हमेशा अपने अधीनस्थ अधिकारियों का समर्थन करते हुए उन्हें राजनीतिक उत्पीड़न के खिलाफ संरक्षित किया। हर चुनौतीपूर्ण स्थिति में एक सैद्धांतिक रुख मिला। एक गहन सज्जन और अधिकारी के रुप में एक मणि थे जो हमेशा के लिए चली गयी।

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