आजमगढ़। डाक्टर को भगवान का दूसरा रूप माना जाता हैं क्योंकि वह किसी की जिन्दगी ले सकता है और बचाने की भी कूबत रखता है। बावजूद इसके शहर के प्रतिष्ठित माने जाने वाले वेदांता इस्पताल में कुछ ऐसा कुछ जिस पर लोग सहसा विश्वास नहीं कर सके। आरोप है कि मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा लाश के एवज में मोटी रकम की डिमांड की गई और ना देने पर अस्पताल का स्टाफ मृतक के परिजनों से मारपीट करने लगा। अस्पताल प्रशासन के बुलंद हौसले का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसकी सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस टीम के साथ भी बदसलूकी की। खास यह कि इस वेदांता अस्पताल में जिसका उद्घाटन खुद देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था लेकिन उनके आदर्शों से संचालकों का कोई सरोकार नहीं दिखा। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने रपट दर्ज करने के साथ अस्पताल के डाक्टर समेत पांच को गिरफ्तार कर लिया।

कुछ यूं रहा था समूचा घटनाक्रम

परिजनों के मुताबिक रामकेश सोनी (35) गुरुवार को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी हो गया था जिसके बाद इलाज के लिए उसे वेदांता हॉस्पिटल ले आया गया। उपचार के दौरान रामकेश की मौत हो गई। बावजूद इसके अस्पताल के डाक्टर उसका ‘इलाज’ जारी रखे। आरोप है कि वाराणसी रेफर करने के लिए दो लाख की मांग की गयी। यह इंतजार और भी लंबा खिंचता लेकिन इनके परिवार का एक सदस्य जो कि मुंबई से आया था उसने सुबह की दवा खरीद कर देने के बाद सोचा क्यों नहीं एक बार रामकेश को देख से। यहां पहुंचने पर अस्पताल प्रशासन द्वारा उसे रोक लिया गया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन और मृतक के साले के बीच बहस भी हुई मौका मिलते ही घरवालों ने जब अंदर का नजारा देखा तो उनके होश उड़ गए। दरअसल रामकेश पहले से ही मरा पड़ा था। मौत की जानकारी परिजनों को हुई तो उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सवाल करना शुरू कर दिया लेकिन अस्पताल प्रशासन को यह मंजूर नहीं था और उसने परिजनों की पिटाई शुरू कर दी।

पुलिस से भी हाथापायी करने से नहीं चूके

अस्पताल प्रशासन जब अपनी दबंगई के पराकाष्ठा पर था तो किसी ने पुलिस को भी सूचना दे दी। मौके पर पुलिस पहुंची तो उससे भी हाथापाई शुरू कर दी। इसके बाद शहर कोतवाली की पुलिस कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के साथ हास्पिटल पहुंची और घटना क्रम में शामिल अस्पताल के स्टाफ सहित मृतक पक्ष के कुछ लोगों को हिरासत में लेते हुए कोतवाली ले आयी। एसपीआरए एनपी सिंह ने बताया कि वेदांता हॉस्पिटल का प्रकरण उनके संज्ञान में है। उन्होंने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। साथ ही परिजनों से वापस आ भी लिया जा रहा है जिस पर रामकेश की दवाइयां लिखी हुई थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इन दवाइयों की वास्तविक स्थिति और अन्य जरूरी चीजें साफ हो जाने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी लेकिन पुलिस के साथ वहां जो घटना घटी है उसकी कार्यवाही अलग होगी। मामले में जो भी दोषी होगा उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

admin

No Comments

Leave a Comment