दलित किशोरी के संंग दुष्कर्म में ‘मैनेजमेंट’ पर इंस्पेक्टर सस्पेंड, मां ने की एसपी को रजिस्ट्री जिस पर हुई कार्रवाई बड़ी

बलिया। आम तौर पर दलित किशोरी के यौन उत्पीड़न का मामला मीडिया की सुर्खी में आता तब कार्रवाई का सिलसिला आरम्भ होता है लेकिन एसपी देवेन्द्रनाथ ने नयी मिसाल पेश की है। मनियर क्षेत्र में एक किशोरी के साथ दुष्कर्म की शिकायत के मामले में रजिस्ट्री से मिली शिकायत पर एक्शन लेते हुए एसओ मनियर सुभाषचंद्र यादव को लाइन रवाना कर दिया। यही नहीं प्रकरण की जांच एएसपी संजय कुमार को सौंप दी है। फौरी कार्रवाई के तहत आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 504, 3/4 पास्को एक्ट एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना आरम्भ कर दी गयी है। पीडिता का मेडिकल मुआयना कराने के संग मजिस्ट्रेट के समक्ष कमलबंद बयान की तैयारी चल रही है।

एसओ पर मामले को दबाने का आरोप

थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 10 सितंबर 2019 को मनियर के एक गांव में किशोरी के संग आरोपित ने मुंह दबाकर दुष्कर्म किया था। पीड़िता शौच के लिए घर से कुछ दूर मक्के के खेत में गई थी। आरोप है कि पीड़िता की मां थाने पर तहरीर देने गई तो एसओ ने समझाया कि बच्चों से ‘गलती’ हो जाती है। यही नहीं पुलिस ने सादे कागज पर अंगूठा लेकर मामले को दबाने की कोशिश की। न्याय न मिलने पर मां ने एसपी को रजिस्टर्ड डाक से पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी ने कार्रवाई शुरू करायी। पीड़िता 15 साल की नाबालिक है तथा नवीं कक्षा की छात्रा है।

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