सांस्कृतिक सद्भाव और बातचीत से मधुर होंगे भारत-फ्रांस के मैत्रीपूर्ण संबंध, राजदूत ने गणमान्य लोगों से की चर्चा

वाराणसी। भारत के फ्रांस के साथ मबंध आज के नहीं बल्कि सदियों पुराने हैं। इसे मौजूदा परिपेक्ष में देखते हुए अतीत को याद रखना चाहिये। सांस्कृतिक सदभाव और बातचीत से भारत-फ्रांस के मैत्रीपूर्ण संबंध और मधुर होंगे। फ्रांस के राजदूत इम्मानुएल लुना ने सोमवार को वाराणसी में एक सत्र के दौरान अपने विचार रखे। कांग्रेस नेता और रिसर्च विभाग के प्रमुख गौरव कपूर द्वारा आयोजित एक वार्ता में फ्रांस के राजदूत ने नगर के गणमान्य नागरिकों समेत कलाकारों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के कुछ प्रतिनिधियों से वाराणसी के वशिष्ठ एवं पुरातात्विक इमारतों के संरक्षक तथा सांस्कृतिक आदान प्रदान के संदर्भ में लम्बी चर्चा की।

काशी को लेकर दिखायी उत्सुकता

बैठक में राजदूत ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र और देश् की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी मानी जाने वाली काशी के वर्तमान परिदृश्य को जानने की विशेष इच्छा जाहिर करते हुए अपनी जिज्ञासा को उपस्थित सभी जनों के सामने रखा। साथ ही फ्रांस के भारत और काशी के प्रति स्नेह और सम्मान का भी उल्लेख किया। बैठक के बाद एक भोजन सत्र का कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। बैठक में कला प्रकाश के संयोजक अशोक कपूर, पद्मश्री सोपरकर जी, पद्मश्री श्रीमती बेतिना जी, गंगा व्यू होटल के शाशांक सिंह, प्रो सुरेश नायर, छात्र नेता हिमांशु गिरि, अभिजित अग्रवाल, वास्तुविद मुदिता कपूर, ऊप शाश्त्रीय संगीत गायिका अनुराधा जी के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे।

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