मोदी के खिलाफ ताल ठोंकने के बाद बढ़ी निगरानी चंद्रशेखर के लिए है परेशानी, मुिखया के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अकेले भीम आर्मी

लखनऊ। भाजपा ने स्पष्ट कर दिया हैै कि पीएम मोदी अपनी संसदीय सीट काशी से ही चुनाव लड़ेगें। दूसरी सीट बडोदरा जहां से पिछली बार लड़ा था उस पर दूसरा प्रत्याशी उतार दिया गया है। प्रदेश में गठबंधन के तहत सीट सपा के कोटे में आयी है लेकिन अब तक कोई प्रत्याशी ही तय नहीं हो सका है। पीएम मोदी सरीखे हैवीवेट प्रत्याशी के खिलाफ पिछली बार भी कांग्रेस के टिकट पर उतरे अजय राय सबकी जमानत जब्त हो गयी थी। पिछले दिनों भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर ने मोदी के खिलाफ ताल ठोंकी तो सभी का मानना था कि खुद को सुर्खियों में बनाये रखने की खातिर ऐसा किया जा रहा है। वजह, न तो यहां भीम आर्मी का कोई संगठन है न ही दलित वोटों की संंख्या जिससे कुछ उलटफेर हो सके।

गोपनीय नहीं रह सकी बैठक

दरअसल लोकसभा चुनाव को लेकर चंद्रशेखर मेरठ में एक गोपनीय बैठक कर रहे थे। उधर उनकी गतिविधियां खुफिया विभाग की नजर में थी। चंद्रशेखर इससे पहले पुलिस को चकमा देकर लापता हो गये थे जिसके बाद से सतर्कता बढ़ा दी गयी थी। बाद में स्पष्ट हुआ कि बैठक में 50 से ज्यादा लोग शामिल हैं लिहाजा चंद्रशेखर समेत छह लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। पुलिस के मुताबिक मेरठ के परतापुर क्षेत्र के गीता भवन में आचार संहिता उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज हुई है जिसमें चंद्रशेखर नामजद हैं।

बसपा है बौखलायी, प्रियंका भी साथ नहीं आयी

सहारनपुर दंगे के बाद सुर्खियों में आये चंद्रशेखर ने दिल्ली के लिए मार्च निकाला था लेकिन रास्ते में मेरठ के अस्पताल में भर्ती हो गये थे। अचानक वहां कांग्रेस महासचिव प्रियंका लाव-लश्कर समेत आ धमकी और चंद्रशेखर से मुलाकात की। इसके बाद बसपा प्रमुख मायावती हत्थे से उखड़ गयी। दलित नेता के ररूप में युवाओं के बीच चर्चित चंद्रशेखर को लेकर उनका पहले से यहीं रवैया रहा है। चंद्रशेखर ने प्रियंका से मुलाकात को तबज्जो नहीं दी जिसके बाद से कांग्रेस ने भी किनारा कस लिया। सम्भवत: यही कारण था कि किसी राजनैतिक दल ने एफआईआर पर टिप्पणी तक नहीं की।

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