वाराणसी। आयकर विभाग के निशाने पर ऐसे निवेशक हैं, जिन्होंने अपने बैंक खाते में लंबा लेन-देन किया है और शेयर के साथ ही म्युचुअल फंड में लंबा पैसा लगाया है। ऐसे निवेशकों को आयकर विभाग की तरफ से नोटिस भेजी जा रही है। अभी तक 20 हजार से अधिक लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। यह आंकड़ा सिर्फ बनारस जिले से संबंधित है। विभागीय सूत्रों की मानें तो बैंक खाते में एक साल के दौरान दस लाख रुपये नगद जमा व प्रॉपर्टी में निवेश करने वाले ही नहीं शेयर और म्युचुअल फंड में दो लाख रुपये से ज्यादा निवेश करने वाले बनारस के 20 हजार से अधिक लोगों को नोटिस दी चुकी है। इतना ही नहीं, कर सलाहकारों व बैंक मित्रों को भी नोटिसें भेजी गयी है।

बैंक मित्र सर्वाधिक परेशाान

आयकर सूत्रों की मानें तो कर सलाहकार व बैंक मित्र पेशें से जुड़े लोग अपने ग्राहकों की सुविधा के लिये उनके रुपये पहले अपने खातों में जमा करा लेते हैं। बाद में उनका हिसाब होता है। अधिवक्ता और सीए अपने ग्राहकों का रिटर्न भरने के लिये अक्सर ऐसा करते हैं। ऐसे में आयकर विभाग की नोटिस से सबसे ज्यादा परेशान बैंक मित्र हो रहे हैं। वजह, बैंक मित्र ग्रामीणों के रुपये पहले अपने खाते में जमा कराते हैं और कुछ दिन बाद कई खाताधारकों की राशि उनके खातों में एक साथ ट्रांसफर कराते हैं। बैंक मित्रों का आरोप है कि बैंकों के लिखकर दिये जाने के बावजूद भी आयकर अधिकारी बार-बार नोटिस भेजकर पूछताछ कर रहे हैं।

एडवांस टैक्स के लिए नोटिसें जारी

विभागीय सूत्रों की मानें तो एडवांस टैक्स को लेकर भी आयकर की नोटिसें जारी हो रही हैं। गौरतलब है कि विभाग पिछली बार 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और जिन पर एडवांस टैक्स देय नहीं है, उन्हें भी नोटिस भेज चुका है। इससे आयकर विभाग की किरकिरी हो चुकी है। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयकर अधिनियम की धारा 133, 133 (3), 133 (6), 143 (2) के तहत ये नोटिसें जारी की जी रही हैं।

admin

No Comments

Leave a Comment