सम्पति के फेर में सास-श्वसुर को बंधक बनाये थी ‘बहू’, पुलिस ने किया रेस्क्यू तो सामने आयी दिल दहलाने वाली कहानी

वाराणसी। मूल रूप से दिलदारनगर (गाजीपुर) के निवासी लालजी यादव (70) पत्नी मुनेश्वरी देवी (67) के साथ पिछले साल दीपावली पर बेटे से मिलने की खातिर आये थे। भूलनपुर (मंडुवाडीह) स्थित बाल्मीकि बस्ती में आने के कुछ दिन बाद उन्हें लौटना था लेकिन ऐसा हुआ नहीं। काफी दिनों तक न आने पर इन का छोटा पुत्र रामविलास होली में अपने माता-पिता से मिलने आया तो उसे मिलने नहीं दिया गया। गुरुवार को अज्ञात की शिकायत पर मंडुवाडीह पुलिस वहां पहुंची तो हालात देख कर सकते में रह गयी। बुजुर्ग दंपत्ति जिस कमरे में बैठे मिले उसमें चारों तरफ लैट्रिन बिखरी पड़ी है जिससे तेज दुर्गन्ध आ रही था। पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि संपत्ति के लालच में बहू द्वारा सास ससुर को विगत कई महीनों से एक कमरे में बंधक बना कर रख गया था।

पुलिस को देख कर बेटा-बहू फरार

बुजुर्ग दम्पति ने कबूल किया कि यहां पर संपत्ति की लालच में बहू सत्ती देवी ने एक कमरे में बंधक बनाकर रखा था। बहू एक समय का खाना देती थी और कमरे से बाहर निकलना बंद कर दिया था। छोटे बेटे से मुलाकात तक नहीं करनेदी। इस बीच मंडुवाडीह पुलिस को एक अज्ञात फोन आया कि बाल्मीकि बस्ती में एक बुजुर्ग दंपत्ति को बंधक बनाकर बहू और बेटे द्वारा रखा गया है जिस पर छापेमारी की। पुलिस को देख मौके से बहू सत्ती देवी व पुत्र राम आशीष भाग निकले। मंडुवाडीह पुलिस ने बुजुर्ग दंपत्ति को छोटे बेटे रामविलास की सुपुर्दगी में दे दिया और बहु सत्ती देवी तथा पुत्र राम आशीष के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश में जुटी हुई है।

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