वाराणसी। स्वच्छता के संग खुले में शौच से मुक्ति पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में है। बावजूद इसके उनके संसदीय क्षेत्र में इसकी जमीनी हकीकत कुछ दूसरी ही है। काशी विद्यापीठ ब्लाक मुख्यालय से लंगभग 200 मीटर की दूरी पर शिवदासपुर गांव के पंचवटी नगर में एक ऐसा परिवार रहता है जिसके घर मे शौचालय न होने से उसके बड़े बेटे की शादी कट गयी। यहां के रहने वाले नंदलाल का कहना है कि शौचालय के लिये प्रधान व ग्राम सचिव से गुहार लगायी लेकिन सांत्वना के अलावा कुछ नही मिला। शिवदासपुर गांव में ही ब्लाक मुख्यालय है। कुछ दिनों पहले ही सीएम योगी ने काशी विद्यापीठ विकास खंड को ओडीएफ ब्लाक घोषित किया था। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद खलबली मची है। इस बाबत बीडीओ रक्षिता सिंह का कहना था कि मामला गंभीर है जिसकी जांच करायी जायेगी। यदि व्यक्ति मानक के अनुसार पात्र पाया गया तो शौचालय जरूरत दिया जाएगा।

तय होने के बाद तोड़ा रिश्ता

नंदलाल के तीन बेटे हैं कलफू, मनीष व राजेश। बडा बेटा कलफू मोटर साइकिल मिस्त्री है जिसकी शादी के लिये मंडुआडीह से कुछ लोग आये थे। उन्होंने लड़के को देखकर पसन्द कर लिया लेकिन जब उन्हें पता चला कि घर मे शौचालय नही है तो वह सभी भड़क उठे और रिश्ता तोड़कर चल दिये। इससे नंदलाल का पूरा परिवार काफी परेशान है। पत्नी मंजू देवी की तीन साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है इसी से वह घर की देखभाल के लिए बहू चाहते थे। पेशे से ट्राली चालक नंदलाल सुबह खाना बना कर जाते हैं और शाम को लौटने पर फिर यही करना होता है। सोचा था कि बड़े बेटे की शादी कर हो जाये तो घर मे परिवार को संभालने वाला कोई आ जायेगा लेकिन शौचालय न होने से सपना टूट गया।

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