बलिया। उतरौला ग्राम (चितबड़ागांव) निवासी सीआरपीएफ के जवान मनोज कुमार सिंह का शव बुधवार को पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। जवान के दो छोटे-छोटे मासूम बच्चे व पिता के शव को देखते ही रोने लगे वही जवान की पत्नी भी शव से लिपट कर दहाड़ मारने लगी। जवान के पिता बेसुध पड़े थे। परिवार का करुण क्रंदन देखकर देखने वालों की आंखें नम हो गई मौके पर पहुंचे। डीएम-एसपी सहित सीआरपीएफ के कमांडेंट समेत सभी अफसर मौके पर उपस्थित थे। जवान के शव को देखते हैं वहां उपस्थित लोग भारत माता की जय करने लगे। शहीद जवान का अंतिम संस्कार पिपरा घाट पर बुधवार की देर शाम किया गया। यहां सेना के जवानों ने गार्ड आॅफ आॅनर दिया। इस मौके पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री उपेंद्र तिवारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

शव की प्रतीक्षा में जुटा था जनसैलाब

नक्सली हमले में मारे जाने के बाद जैसे भी शहीद मनोज का शव हेलीकॉप्टर से उसरैला पहुंचा देखने वालों का जन सैलाब टूट पड़ा। सीआरपीएफ के कमांडेंट सहित सेना के जवान का शव तिरंगे में लिपटे जब दरवाजे पर लेकर पहुंचे तो छोटे मासूम बच्चे प्रिंस और प्रतीक दहाड़ मार कर रोने लगे वही शहीद की पत्नी सुमन सिंह पति के सीने से लिपट कर चीखने चिल्लाने लगी। शहीद के पिता नरेंद्र नारायण सिंह बेसुध होकर रोने लगे। पत्नी सुमन देवी रोते-रोते कहने लगी की अब दो छोटे मासूम बच्चे और हमारा देखभाल कौन करेगा। दोनों छोटे-छोटे बच्चे पापा पापा कह कर रोने लगे।

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