लखनऊ। विधानसभा में अमूमन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए मामले उठते हैं। विपक्ष इसके जरिये सरकार को घेरने की कोशिश करता हैं। इससे इतर एसटीएफ की वाराणसी यूनिट के गुडवर्क की गूंज सदन में देखने को मिली और सत्ताधारी भाजपा के विधायक अशोक सिंह चंदेल ने खुद की जान को खतरा होने का दावा करते हुए विधानसभा में शुक्रवार को कहा कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया करायी जा रही है। विधायक ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा कि उन्होंने सुरक्षा मसले पर अधिकारियों से बात की थी लेकिन जिस अतिरिक्त सुरक्षा की पेशकश उन्हें की गयी, वह बहुत खचीर्ली थी। उनका कहना था कि वाराणसी में शार्प शूटर गिरफ्तार हुए जिनसे मिली जानकारी पर कुछ गिरफ्तारियां हमीरपुर में हुई। समूचे घटनाक्रम से खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सपा सरकार ने कल की थी सुरक्षा

हमीरपुर सदर से विधायक अशोक चंदेल का आरोप था कि उन्हें हाईकोर्ट के आदेश पर सुरक्षा मिली थी लेकिन पूर्व की सपा सरकार ने सुरक्षा कम कर दी थी। मामले को गंभीर बताते हुए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सदस्य को आश्वासन दिया कि इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किये जाएंगे। दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी ने प्रकरण से सहमति जताते हुए दावा किया कि ऐसे ही खतरे विपक्ष के कुछ सदस्यों पर भी हैं। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने सरकार को निर्देश दिया कि विधायकों पर खतरे को देखते हुए उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करायी जाए।

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