एग्जिट पोल में हाल देख ‘नरम’ गठबंधन के प्रत्याशी ईवीएम को लेकर होने लगे ‘गरम’, चंदौली के बाद गाजीपुर में मामला गरमाया

वाराणसी। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण की वोटिंग के बाद सभी एग्जिट पोल में एक बार फिर से एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलने के आसार देख सोमवार से विपक्षी दलों ने रणनीति में बदलाव किया है। मतगणना से पहले ईवीएम को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिये हैं। इसे संयोग कहे या रणनीति का हिस्सा लेकिन सोमवार की शाम गाजीपुर और चंदौली में एक सरीखे हालात देखने को मिले। एक तरफ बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के भाई पूर्व सांसद बड़ी संख्या में समर्थकों को लेकर ईवीएम की ‘रखवाली’ करने जा पहुंचे तो दूसरी तरफ चंदौली में ‘रिजर्व’ रखी ईवीएम को लेकर सपाइयों ने हंगामा शुरू कर दिया। आला अफसरों ने वार्ता के साथ अतिरिक्त फोर्स तैनात की है।

अफजाल के साथ खुल कर सामने आयी सुभासपा

अब तक गाजीपुर में भी गठबंधन प्रत्याशी अफजाल अंसारी के साथ सुभासपा के अध्यक्ष ओपी राजभर के करीबी रिश्तों के आरोप लगते थे लेकिन सोमवार की शाम खुलकर इजहार किया गया। जंगीपुर मंडी समिति में समर्थकों के साथ पहुंचे अफजाल अंसारी के संग सुभासपा विधायक त्रिवेणी राम भी थे। जहां अफजाल का कहना था कि हम भी ईवीएम की रखवाली करेंगे तो विधायक भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाने से नहीं चूके। खास यह कि अफजाल पहले से ईवीएम को लेकर सवाल उठाते रहे हैं और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ पहुंचने पर उन्होंने एक बार फिर से इसे दोहराया।

चंदौली में भी अफवाहों का बाजार गर्म

उधर चंदौली में भी कुछ ऐसा ही प्रकरण दोहराया गया। यहां पर सोमवार की शाम ट्रक में रखा ईवीएम जब मंडी समिति पहुचा अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। कुछ लोग ईवीएम पकड़े जाने की भी सूचना सोशल मीडिया पर डाल कर माहौल गरमाने लगे। सपा और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के लोग जुट कर हंगामा करने लगे। वास्तविकता यह थी कि यह वही ईवीएम थी जो रिजर्व में रखी जाती हैं। चुनाव के दौरान किसी बूथ पर खराब होने की दशा में उन्हीं से बदला जाता है। इस बाबत डीएम नवनीत सिंह चहल का कहना था सभी प्रत्याशियों की इसकी जानकारी वोटिंग से पहले ही दी गयी है। यह तो रिजर्व की ईवीएम है जिनसे वोट भी नहीं पड़े हैं। जिन ईवीएम से वोट पड़े वह सीसी कैमरों की निगरानी में हैं। आरोपों को ध्यान में रखते हुए इन्हें दूसरे स्थान पर रखा जा रहा है।

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