भदोही। गोपीगंज थाने में फूलबाग निवासी रामजी मिश्रा (65) की संदिग्ध हालात में मौत के बाद उनकी नाबालिक बेटियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाये गये थे। बाद में मीडिया के जरिये मैनेज करने का पूरा प्रयास भी किया गया लेकिन शिकायत सूबे की राजधानी तक पहुंच गयी। नतीजा, एसपी सचिन्द्र पटेल ने इंस्पेक्टर गोपीगंज सुनील कुमीर वर्मा को लाइन हाजिर करने के साथ प्रकरण की जांच के आदेश दिये हैं।

पट्टीदारी का विवाद, बिखर गया परिवार

फूलबाग इलाके में जमीन को लेकर पट्टीदारों के बीच आपसी विवाद हुआ था। कारखास के साथ पहुंची इलाकाई पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलवाया। आरोप है कि उगाही के फेर में पुलिस ने रामजी मिश्र के संग उनके भाई को पीटा जिससे उसकी हालत खराब हो गई। मृतक तीन अविवाहित लड़कियों का पिता बताया गया। भनक पाकर परिजन थाने पहुंचे लेकिन उन्हें अंदर भी नहीँ जाने दिया गया। सभी थाने के बाहर बिलखते रहे। परिजनों का कहना है कि बाद में पुलिस द्वारा हार्ट अटैक की बात बताकर जबरन दाह संस्कार भी करा दिया गया। पुलिस अभिरक्षा में मौत के मामले में विधिक कार्रवाई होनी चाहिये थी लेकिन रात तक पूरी तरह से केस क्लोज कर लीपापोती हो गयी। सोशल मीडिया पर बच्चियों की गुहार गूंजी तो पुलिस के अफसर हरकत में आये। बहरहाल वैदिक ब्राम्हण समाज ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। इस मामले में सीआरपीसी की धारा156 (3) के तहत दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ वाद दायर करने की भी तैयारी है।

admin

Comments are closed.