अंनतनाग हमले में शहीद महेश कुशवाहा के पिता व पत्नी अस्पताल दाखिल , देर शाम एयरपोर्ट से पार्थिव शरीर लेकर राज्यमंत्री पहुंचे घर

गाजीपुर। अनंतनाग में बुधवार को हुए आतंकी हमले सदर कोतवाली क्षेत्र के जैतपुरा गांव निवासी महेश कुमार कुशवाहा की शहादत के बाद घर के हाल बेहाल हैं। पिता पहले ही हार्ट अटैक के चलते अस्पताल में भर्ती हैं और पत्नी की दशा बिगड़ने के बाद उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। गुरुवार की शाम लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर पहुंचने पर प्रदेश के विधि न्याय, युवा कल्याण, खेल एवं सूचना राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने शहीद के शव पर पुष्प चक्र अर्पित कर उसे श्रद्धांजलि एवं कंधा दिया। शहीद के शव के साथ उसके पैतृक जनपद उसके घर तक गए। शहीद के घर पर पहुंचकर राज्यमंत्री ने शहीद के परिवारजनों को ढांढस बंधाया। नीलकंठ तिवारी ने कहा कि सैनिको पर उन्हें एवं देश को गर्व है। सैनिक सीमा पर अपनी जान की बाजी लगाकर सरहद की सुरक्षा करते हैं। जिससे हम अपने घरों में सुरक्षित रहते हैं। ऐसे वीर सैनिकों को उन्होंने सलाम करते हुए कहां की पूरे देशवासियों को सेना पर गर्व है।

एक दशक पहले हुआ था विवाह

महेश कुशवाहा का विवाह 2009 में निर्मला के साथ हुआ था जिसके एक साल बाद पह सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। इनके दो मासूम बच्चे बेटा आदित्य (6) और एक बिटिया प्रिया (4) हंै। बुधवार को ही पिता गोरखनाथ कुश्वाहा को दिल का दौरा पड़ा था। पिता के दिल का दौरा पड़ने की सूचना शहीद सीआरपीएफ जवान महेश को दी गई थी और वो छुट्टी पर आज आने वाले थे लेकिन इससे पहले ही ड्यूटी के दौरान आतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गए। अब उनका पार्थिव शरीर घर आएगा।

पिता को शहादत का नहीं पता

गौरतलब है कि पिता गोरखनाथ कुशवाहा को बेटे की शहादत के बारे में नही पता है। पत्नी को जबसे पता चला है रो-रोकर अचेत हो जा रही जिसके चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पिछली बार होली में महेश अपने गांव आये थे। घरवालों से महेश की कुछ दिनों पहले बात हुई थी तब उन्होंने जल्दी छुट्टी पर आने की बात कही थी। संभवत: गुरुवार को ही उनको छुट्टी पर आना था लेकिन छुट्टी पाने से पहले उनके शहीद होने की खबर पर उनके घर के साथ ही पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। मातम के बावजूद इनके परिवार वालों को इनकी वीरता पर गर्व है।

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