छेड़खानी के मामले में पुलिस का फरमान, प्रमाण पत्र लाने पर ही लगेगा एससी-एसटी एक्ट

बलिया। इन दिनों पूरे देश में एससी-एसटी एक्ट को लेकर खासी बहस चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके कुछ प्राविधानों को खत्म किया तो सरकार ने अध्यादेश लाकर नये सिरे से इसे लागू तक दिया। सम्भवत: यही कारण है कि पुलिस भी अब इस एक्ट को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रही है। ताजा मामला हल्दी थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां पर खेत में शौच करने को लेकर एक नाबालिग लड़की के घर में घुसकर उसी गांव के थे 6 मनबढ़ों ने छेड़खानी की और विरोध करने पर लड़की सहित उसके परिजनों को बुरी तरह से मारपीट कर घायल कर दिया और फरार हो गये। पीड़ित लड़की की दादी की तहरीर पर हल्दी थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। बृजेश सिंह सहित 6 के ऊपर आईपीसी की धारा 147, 352, 452, 504, 506, 354, 323 आईपीसी व 7/8 पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। एसओ हल्दी विनीत मोहन पाठक ने स्वीकार किया कि लड़की खरवार बिरादरी की है जो अनुसूचित जाति में आती है लेकिन उसके पास कोई प्रमाण पत्र ना होने के कारण एससी-एसटी की धारा नहीं लगाई गई।

शौच करने को लेकर नाबालिग के घर में घुसे मनबढ़

हल्दी थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबित बृजेश सिंह समेत छह आरोपितों ने अपने ही गांव की एक नाबालिक को खेत में शौच करने को लेकर हुए विवाद में उसके घर में घुसकर छेड़खानी करने की कोशिश की। जब लड़की चिल्लाने लगी तो उसके परिजन जग गए इस पर उन छह अभियुक्तों ने उसके परिजनों सहित लड़की को बहुत बुरी तरह मारपीट कर घायल कर दिया तथा वे फरार हो गए। पीड़िता की दादी ने हल्दी थाने में इस घटना की लिखित तहरीर दी। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराकर मुकदमा दर्ज करने के साथ आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।

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