वाराणसी। नये कप्तान के कार्यभार ग्रहण करने के साथ वृद्ध बचानू जायसवाल की क्रूरतापूर्वक हत्या चौबेपुर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। रात के अंधेरे में कत्ल कब हुआ यह आसपास रहने वालों को भी नहीं पता चला अलबत्ता शराब कारोबारी बेटे महेश जायसवाल ने नामजद मुकदमा दर्ज करा दिया। खास यह भी कि जिस स्थान पर वारदात को अंजाम दिया गया वहां दो खूंखार कुत्ते मौजूद थे लेकिन वह इस दौरान भूंके तक नहीं। एसओ ओम नारायण सिंह ने इसे चुनौती के रूप में लेते वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन पर जोर दिया। हत्यारे जाते समय बचानू का मनोबाल भी साथ लेते गये थे। पांच दिन के अथक प्रयास के बाद कत्ल की गुत्थी सुलझी तो सभी हैरान रह गये। आरोपित गांव के ही रहने वाले निकले। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने गिरफ्तार आरोपितों को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि शराब की खातिर पैसा न देने पर बचानू को मौत के घाट उतारा गया था।

घर में था आना-जाना, कुत्ते तक नहीं भूंकते

एसएसपी के मुताबित गिरफ्तार आरोपितों ने कबूल किया कि मृतक बचानू जायसवाल का मकान फोर लेन एनएचएआई विस्तार में ध्वस्तीकरण के चपेट में आ गया था। मलवे का हटाने के साथ सफाई के काम की मजदूरी अशोक राजभर ने काफी दिनों तक की थी। इसके कारण मृतक के पालतु दो कुत्ते उससे भली-भाँति घुल-मिल गये थे। घटना की रात अशोक राजभर तथा आजाद सिंह शराब पीने के लिए पैसा मांगने के उद्देश्य से बाउण्ड्री वाल फांदकर मृतक से जबरन पैसा माँगने लगे। बचानू द्वारा पैसा माँगने का विरोध करने पर बाँस के डण्डे व लोहे की पाईप (राड) से मारकर हत्या कर दिया गया। कमरे से मोबाईल फोन तथा 1500 रूपया लेकर आरोपित भाग गये। अशोक राजभर तथा आजाद सिंह ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि रामपूजन जायसवाल ने सुनियोजित तरीके जमीनी रंजिश की वजह से उन्हें इसके लिए उकसाया और साजिश रची। रामपूजन काफी समय तक बचानू के यहां काम कर चुका है और इसके बाद अपना धंधा शुरू किया तो प्रतिद्वंदी बन गया। आरोपितों के पास से खून से लथपथ कपड़े और बचानू का मोबाइल मिला है।

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