श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बदलाव के साझी रहे आईएएस अधिकारी ने रहा इतिहास, लिखा ऐतिहासिक संग्रह ‘भज विश्वनाथम’

वाराणसी। डीएम और कमिश्नर की भूमिका में लंबे समय तक तैनाती के दौरान आईएएस अधिकारी नितिन रमेश गोकर्ण श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अहम बदलाव के साक्षी रहे। उन्हीं के प्रयासों का नतीजा मौजूदा विस्तार के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने महसूस किया कि आज तक काशी या विश्वनाथ मंदिर के सन्दर्भ में कोई इतिहास या त्थयात्मक संग्रह नहीं था। काफी खोजने-जांचने पर थोड़ा-थोडा अंश अलग-अलग पुस्तकों ग्रंथों इत्यादि में बहुत ही मुश्किल से मिल पाता था जिसका दर्द काशी प्रेमियों को हमेशा खलता था। इस पीड़ा को समझते हुए वाराणसी के कमिश्नर के रूप में ही नितिन रमेश गोकर्ण ने इस शुभ कार्य का बीडा उठाने की ठानी और सफल हुए।

शंकराचार्य को भेंट की प्रति

आईएएस अधिकारी ने शनिवार को काशी व श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास का अभूतपूर्व ऐतिहासिक संग्रह ‘भज विश्वनाथम’ की द्वितीय प्रति आंध्यजगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री श्रृंगेरी पीठ को अर्पण की। नितिन रमेश गोकर्ण ने इसे काफी मेहनत से संग्रहीत करते हुए बहुत सरल भाषा में आम जनमानस के लिए सर्वसुलभ प्रकाशित कराया हैं। इसकी प्रथम प्रति स्वयं बाबा विश्वनाथ को समर्पित की गयी थी। अब यह बहुत ही जल्दी काशी के महापुरुषो के हाथों से आम जन तक पहुंचने वाली है। लोगों का मानना है कि स्वयंम बाबा विश्वनाथ ने इस कार्य में अपना आशीर्वाद दिया और सभी कार्य बनते गये बहुत ही चमत्कारिक ढंग से यह ग्रंथ संग्रहित हो कर पूर्ण हुआ। अब जो कोई भी चाहे काशी व बाबा के मंदिर के बारे में जानना वह बस इसे देखले इसमें बहुत ही मनोहारी दृश्यों की छाया व कहानी का काफी दुर्लभ संग्रहण है। यह किताब नहीं वाकई एक ग्रंथ हैं जो एक मील का पत्थर साबित होगा।

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