वाराणसी। एक तरफ प्रदेश शासन ने सहज सहायता केन्द्रों के माध्यम ने आॅनलाइन एफआईआर तक की तैयारी कर ली है तो दूसरी तरफ जालसाज इसकी आड में फर्जीवाड़े का रैकेट चला रहे हैं। शिवपुर में बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के छापे में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए कि वह खुद सकते में रह गये। हाईस्कूल व इंटर पास ‘पीसीएस’ फर्जी आय-जाति,निवास व अन्य दस्तावेज बनाने के वही मोहर और हस्ताक्षर बनाते थे कि देखने से वह खुद फर्जी कह ही नहीं सकते थे। छापे मे विभिन्न विद्यालय के प्रधानाचार्य व अधिकारियों के मोहर भी बरामद हुई है। आरम्भिक जांच में पता चला कि पिण्डरा के लिए आवंटित केन्द्र को काशीराम कालोनी में चलाया जा रहा था। गिरफ्तार अजय गौतम निवासी सेहमलपुर (फूलपुर) व सूर्यबली पटेल निवासी सोनबरसा (जन्सा) के पास से 3 लैपटॉप, 1 प्रिण्टर, सैकड़ों सादे स्टाम्प पेपर जो बेसिक शिक्षाधिकारी के नाम से खरीदा गया है तथा सभी स्टाम्प नोटरी मोहर थी बरामद हुआ है।

आवंटित करते थे काशीराम आवास

गिरफ्तार जालसाजों ने कबूल किया कि लोगों के बच्चों का फर्जी आय, जाति, निवास, आधार, बच्चों का विद्यालय मे दाखिला व कांशी राम आवास आवंटन के नाम पर लोगों से पैसा लेकर फर्जी काम करते थे। अजय व सूर्यबली की माने तो डीएम आफिस के लिपिक रामवृक्ष के सहयोग से वह काशीराम आवास लोगों को आवंटन कराता हैं। इस एवज में वह उन्हें 10 हजार रूपया प्रति आवास के दर से बाबू को देता है जबकि लोगों से आवास आवंटन के नाम पर 60 हजार से एक लाख रुपए तक वसूलता था। सिटी मजिस्ट्रेट डा. विश्राम यादव का कहना है कि अभी जांच चल रहीं है। इस गोरखधंधे में जो भी बाबू लिप्त पाया जाइयेगा उसके भी खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। छापेमारी में बीएसए वृजभूषण तथा सर्व शिक्षा अभियान के जेपी सिंह भी मौजूद थे।

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