जिला जेल में फिर होगी सैकड़ों बंदियों की वापसी, कलेक्टर-कप्तान ने निरीक्षण कर देखी तैयारी

बलिया। बाढ़ का पानी शहर में आने के बाद जहां आम लोगों की मुश्किले बढ़ा रखा था वहीं प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती आ गयी थी। दरअसल जिला जेल में पानी बैरकों तक पहुच गया था और सोना तो दूर बैठने तक का ठौर नहीं बचा था। आनन-फानन में समीपवर्ती जनपदों की जेलों में बंदियों को शिफ्ट करने का सिलसिला चालू कराया गया। अब व्यवस्था पटरी पर लौटनी शुरू हो गयी तो बंदियों के आने का सिलसिला अब शुरू हो चुका है। अंबेडकरनगर जेल से जो विचाराधीन बंदी कोर्ट में लंबित अपने मुकदमे की पेशी पर आएंगे, वह अब जिला जेल में ही रहेंगे। जलजमाव की भारी समस्या के बाद धीरे-धीरे यहां की सारी व्यवस्था दुरुस्त कर ली गई है। गुरुवार को डीएम श्रीहरि प्रताप सिंह और एसपी देवेंद्र नाथ ने जिला जेल का निरीक्षण कर स्थिति को परखा।

बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर जोर

अधिकारीद्वय ने जेल में हो रहे मरम्मत कार्यों का भी जायजा लिया। अंतिम चरण में चल रहे हैं रंगाई पुताई के कार्य को शीघ्र समाप्त करने का निर्देश दिया। डीएम ने वहां फैला कूड़ा-कचरा हटाने और पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर व फागिंग कराने का निर्देश नगरपालिका को दिया। जेलर ने बताया कि यहां दसो बैरकें पूरी तरह सही हो गयी हैं। पहले से भी जो भी दीवाल या फर्श मरम्मत करने लायक थी, उसे एकदम दुरुस्त करा दिया गया है। रंगाई पुताई और हल्के-फुल्के मरम्मत का कार्य हो रहा था। जिलाधिकारी ने कहा कि एकाध दिन में इसे पूरा कर लिया जाए।

सड़ चुका था गोदाम का अनाज

निरीक्षण के दौरान अधिकारी जब गोदाम में गए तो देखा कि वहां रखा सारा अनाज और अन्य खाद्य सामग्री खराब हो चुकी थी। उसे शीघ्र हटाने के साथ खाने-पीने का हर सामान उपलब्ध रखने की जिम्मेदारी जेलर को सौंपी। हालांकि जलजमाव से जेल के किचन और अस्पताल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।

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