वाराणसी। पूर्वोत्तर में बंगलादेश से लेकर म्यामार की सीमा से इन दिन धडल्ले से सोने की तस्करी हो रही है। दशा यह है कि किसी जमाने में मुंबई सोने की तस्करी का केन्द्र था लेकिन उसका स्थान अब दिल्ली ने ले लिया है। इसे केन्द्र बनाते दूसरे स्थानों पर मांग के अनुरूप सप्लाई की जाती है। दूसरी तरफ तस्करी की रोकथाम के लिए एजेंसियों की दशा यह है कि वह सिर्फ कैरियर तक सीमित है। इस क्रम में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की वाराणसी इकाई ने कोलकाता से कानपुर तक ले जाये जा रहे 5.2 किलो सोने के संग हावड़ा निवासी संजय सोनी को गिरफ्तार किया। बरामद सोने की कीम 1.66 करोड़ रुपये आंकी गयी है। गिरफ्तार युवक का कहना था कि वह स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक सोने को पहुंचाने के एवज में धन पाता रहा है। इससे अधिक उसे कोई जानकारी नहीं है।

बेल्ट से लेकर बैग तक सोना ही सोना

डीआरआई को सूचना मिली थी कि सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस के बी -1 कोच से यात्रा करने वाले एक व्यक्ति के पास सोना है। मुगलसराय स्टेशन पर संजय सोनी को चेक किया गया तो बैग से सोने के छड़ के रूप में पांच टुकड़े मिले। एक छोटा टुकड़ा (सोना) उसकी कमर बेल्ट में और छोटे हाथ के थैले से छुपाया गया। बरामद सोने का वजन 5.2 किग्रा (लगभग) था और कीमत 1.66 करोड़ आंकी गयी। सोने के सलाखों को बांग्लादेश के माध्यम से कोलकाता लाने के बाद इसे कोलकाता भेजा जा रहा था। संजय ने कबूल किया कि वह पश्चिम बंगाल से कानपुर तक तस्करी वाले सोने के नियमित वाहकों के सिंडिकेट के सदस्य हैं और पिछले दो महीनों में उन्होंने कई बार ऐसे तस्करी वाले सोने को ले लिया था।

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