वाराणसी। आमतौर पर खाकी का नाम सुनते ही लोगों के जेहन में खौफ साफ उभर आता है। लेकिन खौफ और दहशत के अलावा खाकी का एक दूसरा रुप भी देखने को मिल रहा है। सावन के पवित्र माह में वाराणसी में पुलिसवाले कांवड़ियों के लिए किसी देवदूत से कम नहीं नजर आ रहे हैं। सावन के दूसरे सोमवार को न्यूजट्रैक के कैमरे में कुछ ऐसी तस्वीर कैद हुईं जो हर किसी के दिल को छू गई। कानून व्यवस्था को संभालने के साथ-साथ पुलिसवाले इंसानियत की मिसाल भी पेश करते भी नजर आएं।

शिवभक्तों का सहारा बने पुलिसवाले

काशी में सावन के दूसरे सोमवार को आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा है। शहर के कोने-कोने में भगवाधारी दिखाई पड़ रहे थे। हर और हर-हर महादेव की गूंज। हर किसी की यही तमन्ना कि बाबा के दर्शन हो जाए। इसी बीच उमस और गर्मी के कारण कई कांवड़ियों की हालत बिगड़ने लगी। दर्शन मुश्किल होने लगा तो पुलिसवाले इन कांवड़ियों के लिए फरिश्ता बनकर पहुंचें। कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव मंदिर में जब एक कांवड़ियां की हालत बिगड़ी तो चौबेपुर थानाध्यक्ष ओमशंकर सिंह आगे आए और उन्होंने उसे गोद में उठा लिया। इसके बाद पैदह ही उसे दर्शन कराने के लिए मंदिर ले गए।

महिला कांवड़िया को पुलिस ने बचाया

शहर के मैदागिन चौराहे के पास भीड़ के अत्यधिक दबाव और गर्मी से बेहोश महिला को वाराणसी पुलिस के सब इंस्‍पेक्‍टर मोहम्‍मद शमशाद ने तत्‍परता दिखाते हुए भीड़ से निकाला। इसके बाद सीओ कोतवाली बृज नंदन राय सहित उनकी पूरी टीम ने बेबस हुई महिला को पानी छिड़क कर होश में लाया गया। पुलिसकर्मी महिला को पंखा झलते भी देखे गये। वहीं दशाश्वमेध घाट पर भक्तों के उमड़े जन सैलाब के मद्देनज़र पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। यहां ड्यूटीरत मंडुआडीह थाने के उपनिरीक्षक अजय ने एक बाबा जिनका पैर फिसलने से पैर में मोच आयी थी उन्हें गंगा घाट से गोदी में उठाकर सीढ़ियों से होते हुए ऊपर पहुंचाया।

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