गाजीपुर। सपा के शासनकाल में ‘जाति विशेष’ के उपद्रव को भाजपा ने चुनावी मुद्दा बनाया था। सूबे में सरकार को बदले एक साल होने को है लेकिन हालात में कुछ फर्क नहीं दिख रहा है। ताजा मामला साई की तकिया (खानपुर) का है जहां दूसरे के वाहन से हुए हादसे की खुन्नस उमा पब्लिक स्कूल और प्रबंधक के घर आगजनी-तोड़फोड़ कर निकाली गयी। शर्मनाक यह कि समूचा घटनाक्रम पुलिस की आंखों के सामने हुआ। सूचना देने के बाद दो बार आयी पुलिस के डायल 100 की पीवीआर वैन लौट गयी। शर्मनाक यह भी कि थाना प्रभारी राम किशुन प्रसाद के सामने उपद्रवी मनमानी करते रहे लेकिन उन्होंने रोकने की जहमत नहीं उठायी। संगीन धाराओं के तहत मुकदमा कायम होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई से कतरा रही है। यह दशा तब है जब एसपी सोमेन ने खुद मौका मुआयना करने के साथ सख्त कार्रवाई के आदेश दिये थे।

452

तालिबानी अंदाज में दिया वारदात को अंजाम

घटनाक्रम कुछ यूं रहा कि शुक्रवार की शाम कार की बाइक से टक्कर हो गयी। बाइक पर बैठे दो युवकों के संग कार सवारों की भी खासी चोटें आयी। मौके पर जुटी भीड़ कार के साथ सवारों को जिंदा जलाना चाहती थी। कार स्कूल प्रबंधक राम गोपाल सिंह के पट्टीदार की थी। घायल तो इलाज के लिए भेज दिये गये लेकिन इसके बाद भीड़ ने आधा किलोमीटर दूर स्थित प्रबंधक के आवास और स्कूल पर धावा बोल दिया। पहली बार कुछ दर्जन लोग आये लेकिन आधे घंटे बाद योजनाबद्ध तरीके से दोबारा धावा बोला गया। अवैध असलहों से लैस उपद्रवी पेट्रोल लेकर आये थे और डकैतों की तरह जो सामान साथ नहीं ले पाये उसमें आग लगा दी। जमकर मनमानी करने के बाद बलवायी सामने खड़ी पुलिस के सामने से निकल गये।

इलाके में तनाव, चेती नहीं पुलिस को हो सकती बड़ी वारदात

क्षेत्र के प्रतिष्ठित और सामाजिक सरोकार से जुड़े रहने वाले राम गोपाल सिंह के घर हुई वारदात को लेकर इलाके में खासा तनाव है। साथ ही पुलिस की कार्रवाई से आक्रोश भी है। लोगों का कहना है कि अब भी पुलिस नहीं चेती तो इलाके में जाति संघर्ष की नौबत आ सकती है। दूसरी तरफ एसपी का कहना है कि नामजद आरोपितों की तलाश की जा रही है। कार्रवाई सख्त होगी जिससे इस तरह की वारदात की पुनरावृत्ति का कोई हौसला न जुटा सके। फिलहाल पुलिस हालात पर नजर रखे है।

admin

No Comments

Leave a Comment