घड़ियाली आंसू बहाने वालों के सरकार के समय से ही गरीबों को उनके जमीन के अधिकार से वंचित रखा जा रहा

सोनभद्र। सीएम योगी ने रविवार को घोरावल तहसील के ग्राम सभा उम्भा के प्राथमिक विद्यालय परिसर में खासे आक्रामक तेवर में दिखे। इस घटना में मृत एवं घायल लोगों के परिजनों से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा दुख की घड़ी उनकी सरकार पीड़ित परिवार के संग खड़ी है। सीएम ने परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि घटना दुखद है और घटना की जानकारी होने के तत्काल बाद भी आना चाहते थे लेकिन मृतक लोगो के दाह संस्कार होने की जानकारी तत्काल नहीं आया। उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार की घटना को पूरी शक्ति से रोकने व किसी भी प्रकार गरीबों, वनवासियो, अनुसूचित जाति के तथा किसी भी समुदाय के गरीब लोगों को उनके हक से वंचित किए जाने जैसी इस प्रकार की घटना को शक्ति से रोकने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पीड़ित परिवार की सहायता सरकार की वचनबद्धता है। उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढाँढस बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने परिवार के सदस्य खोए हैं। उन्हें वापस तो नहीं लाया जा सकता। लेकिन सरकार परिजनों की सहायता करने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही कर रही है।

कब्जेदार को छेड़ेंगे नहीं, दोषी को छोड़ेंगे नहीं

सीएम ने कहा कि कोल समाज, वनवासियों, अनुसूचित जाति के लोगों तथा समाज की मजलूमों के प्रति अन्याय की शुरूआत 1953-54 से प्रारंभ हुई। इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि गरीबों को न्याय मिलेगा। जिस जमीन पर जो लोग वर्तमान में कृषि कार्य कर रहे हैं वे करते रहेंगे। उसे प्रशासन नहीं छेड़ेगा और जो लोग गरीबों के जमीन पर कब्जा किए हुए उनको भी किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। उनके विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। सीएम ने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता बार-बार दोहराते हुए कहा कि पीड़ितों के प्रति संवेदना व दोषियों के प्रति कठोरता ही उनकी प्राथमिकता एवं वचनबद्धता है। उन्होंने कहा कि इस घटना के तह तक उनकी सरकार जाएगी। ताकि दोबारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सकती। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।

जो बरगला रहे उनकी सरकार ने छीना हक

सीएम ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि घड़ियाली आंसू बहाने वालों के सरकार के समय से ही गरीबों को उनके जमीन के अधिकार से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा 1955, 1979 व 2017 में हुए घटना की जांच हेतु कमेटी गठित कर दी गई हैं। गरीबों को उनके परंपरागत खेती कार्य करने से वंचित किए जाने आदि के संबंध में 10 दिनों में रिपोर्ट मिलने के बाद कार्यवाही किया जाएगा। उम्भा गांव एवं आसपास के गांव में गर्मियों में लगने वाली आग से छति को रोकने के लिए घोरावल में अग्निशमन केंद्र की स्वीकृति दे दी गई है। जहां पर उपलब्ध फायर टेंडर से गांव में होने वाले आगजनी घटना को रोका जा सके। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्ध एवं अनुसूचित जाति के वृद्धजनों, विधवाओं एवं विकलांग लोगों को अनिवार्य रूप से पेंशन उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने गांव में जूनियर हाई स्कूल की व्यवस्था कराए जाने हेतु भी जिला प्रशासन को निर्देशित किया। इसके साथ ही अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए गांव में आवासीय विद्यालय की स्थापना कराए जाने हेतु जिलाधिकारी को निर्देशित किया।

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