वाराणसी। सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की कमी से लेकर मरीजों की भीड़ की शिकायत रहती है लेकिन एक ऐसा भी हास्पिटल है जहां काम के नाम पर कुछ नहीं होता। यहां पर 9 चिकित्सकों एवं 32 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती के बावजूद कोई प्रसव नहीं हुआ पाया गया। इतना ही नहीं आॅपरेशन थिएटर होने के बावजूद अब तक एक भी एक भी सर्जिकल प्रसव नहीं होना पाया गया। जी हां, बात हो रही है चौकाघाट स्थित शहरी स्वास्थ्य केंद्र की जहां नगर मजिस्ट्रेट डा. विश्राम यादव शनिवार को निरीक्षण के लिए पहुंचे तो हाल देख सकते में रह गये। तीन मंजिले लंबे-चौड़े अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा था। वार्ड में मरीजों के बदले कुत्ते सोये थे।

डीएम ने कराया निरीक्षण तो खुली पोल

जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने शनिवार को सरकारी चिकित्सालय, गेहूॅ क्रय केन्द्रो का औचक निरीक्षण कराया। उन्होने इसके लिये सभी अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, अपर नगर मजिस्ट्रेट आदि को सुबह अपने कैम्प कार्यालय से दिशा निर्देश दे रवाना किया। मुख्य राजस्व अधिकारी द्वारा किये गये लालबहादुर शास्त्री चिकित्सालय में जांच के दौरान 4 दिन में मात्र एक प्रसव होने की जानकारी पर डीएम ने गहरी नाराजगी जतायी। उन्होने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में इतना बड़ा सरकारी अस्पताल होने के बावजूद संस्थागत प्रसव की स्थिति काफी खराब है। वही रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण मशीन होने के बावजूद अल्ट्रासाउण्ड मरीजो को बाहर से कराना पड़ता है। डाक्टरो द्वारा मरीजो को कतिपय दवायें बाहर से मगाये जाने हेतु प्रेरित किये जाने की शिकायत को भी डीएम ने गम्भीरता से लिया है।

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