बलिया। अब तक आपने सुना होगा कि सरकारी डाक्टर प्राइवेट नसिंग होम का संचालन करते हैं लेकिन बीएसए संतोष कुमार राय शनिवार को चेकिंग के लिए निकले तो अनूठा मामला सामने आया। एक कावेंट स्कूल ऐसा भी मिला जहां पढ़ाने वालों में दो सरकारी शिक्षक थे। इनमें पति हुस्ने जमाल प्राथमिक विद्यालय गंगभेव में प्रधानाध्यापक सरीखे अहम पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी नौरीन जमीर प्राथमिक विद्यालय असेगी में सहायक अध्यापिका हैं। दोनों को निलंबित करने के साथ पड़ताल की गयी तो स्पष्ट हुआ कि यह खेल पुश्तों से चला आ रहा है। दोनों शिक्षक डेफोडिल इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका हसीना बेगम की पुत्री व दामाद हैं। हसीना बेगम भी परिषदीय विद्यालय से रिटायर्ड हैं। पहले से वह भी सरकारी नौकरी करते हुए पढ़ाती थी। दोनों को तत्काल निलंबित करने के साथ कागजात जब्त कर लिये गये हैं।

50 से अधिक स्कूलों पर हुई छापेमारी
बीएसए के नेतृत्व में गठित टीमों ने बगैर मान्यता संचालित हो रहे 50 से अधिक स्कूलों पर छापेमारी की। इन टीमों ने जांच की जद में आये स्कूलों को बंद कराने के साथ ही छात्र व अध्यापक उपस्थिति रजिस्टर जब्त कर लिया। संबंधित स्कूलों के प्रबंधक-प्रधानाचार्य को बगैर मान्यता पुन: स्कूल संचालन न करने की चेतावनी दी गई। स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि यदि दोबारा स्कूल का संचालन करते दोबारा पाये गये तो एक लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला जायेगा। बीएसए के मुताबिक शासन के आदेश के पालन में बगैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद कराने के लिए शनिवार को दो-दो बीईओ तथा एबीआरसी की चार टीमें जांच में निकली थी। हनुमानगंज के डेफोडिल इंटरनेशनल स्कूल बसंतपुर में उन्होंने खुद जाांच की थी जहां 400 को पढ़ाया जाता है।

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