गोरखपुर। डीआरआई की गोरखपुर यूनिट में मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े गुर्गों को दबोचा है जो नेपाल से भारी मात्रा में अफीम को मंगा कर उसे हेरोइन में बदल कर सप्लाई करता था। इसके अलावा नेपाल से चरस भी मंगायी जाती थी जो विदेशियों को बेचने के अलावा पंजाब भेजी जाती थी। आश्चर्यजनक यह भी कि नेपाल से आने वाला मादक पदार्थ रामपुर भेजा जाता थे जहां से इसका स्वरूप बदलता। तस्करी के खातिर इन लोगों ने शातिराना पैंतरा अपनाया था जिसके तहत जीप में गुप्त स्थान बना था। बरामद अफीम और चरस की कीमत अंतराष्ट्रीय बाजार में 77 लाख रुपये आंकी गयी है। संबंधित कोर्ट में पेशी की बाद गिरफ्तार तस्करों को जेल भेज दिया गया है।

लंबे समय से चल रहा था तस्करी का खेल

राजस्व खुफिया विभाग के अधिकारियों को सूचना मिल रही थी कि नेपाल से बड़े पैमाने पर चरस और अफीम रामपुर भेजी जा रही है। सीनियर इंटेलिजेंस अफसर आनंद राय ने इस पर नेपाल सीमा सोनौली और ठूंठीबारी में घेराबंदी करायी। मादक पदार्थ शुक्रवार की शाम सीमा पार लाने के बाद एक जीप में लोड किया गया। इंटलिजेंस अफसर पंकज कुमार,राघव कुमार समेत दूसरे सहयोगियों के संग पीछा कर जीप को रोका गया। पहले तो जीप में कुछ नहीं मिला लेकिन फर्श की बारीकी से जांच की गयी तो 53 किलो चरस के साथ 24 किलो अफीम बरामद हुई। ड्राइवर राम उजागिर यादव राजेश पाण्डेय के साथ शिमला (हिमाचल प्रदेश) निवासी चंदन कुमार को दबोच लिया गया।

कई सफेदपोशों के चेहरे से उतरेगा नकाब

कड़ाई से पूछताछ में डीआरआई को चौंकाने वाली जानकारियां मिली है। सूत्रों के मुताबिक सपा के कद्दावर नेता रहे आजम खां के गृह नगर रामपुर में चल रहे गिरोह में कई सफेदपोश शामिल हैं। नेपाल से लायी गयी अफीम को हेरोइन में बदला जाता था। पांच किलो अफीम से एक किलो प्योर अनकट हेरोइन तैयार होती थी। गिरोह के बारे में पुलिस को जानकारी थी लेकिन सफेदपोशों पर हाथ डालने से वह कतराती थी। जल्द ही इस मामले में कुछ और चौंकने वाले खुलासे हो सकते हैं।

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